गोंदिया: बेटे की मौत और बेवजह के थोपे गए कर्ज से त्रस्त किसान न्याय पाने चढ़ा “मोबाईल टॉवर” पर…

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ऑन द स्पॉट न्याय देने की मांग, टॉवर की ऊंचाई लगभग 170 फिट, देखना भी मुश्किल..

 

प्रतिनिधि।

गोंदिया। आज 14 अप्रैल संविधान निर्माता विश्वरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर जयंती के दिन को महत्वपूर्ण मानते हुए अपनी मांगों को मनवाने गोंदिया तहसील के ग्राम खातिया निवासी किसान वासुदेव रामू तावडे (उम्र 60) वर्ष, सुबह 6 बजे से मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया।
 
उसके मोबाईल टॉवर पर चढ़ने की घटना से गाँव सहित पूरे प्रशासकीय महकमें में हड़कंप मच गया। ताबड़तोड़ रावनवाड़ी पुलिस, आपदा प्रबंधन की रेस्क्यू टीम एवं फायर ब्रिगेड की टीम पहुँच गई हैं। इतना ही नहीं समाचार लिखे जाने तक विधायक विनोद अग्रवाल के प्रतिनिधि के रूप में रोहित अग्रवाल एवं नायब तहसीलदार पालान्दूरकर भी किसान से फोन द्वारा बातचीत करते रहे फिर भी वो आश्वासन न मानते हुए ऑन द स्पॉट न्याय की मांग पर अडिग होकर चढ़ा रहा।

क्या है उसकी मांग…

उसकी प्रमुख मांग यह है कि वर्ष 2021 में आमगांव पुलिस थाना अंतर्गत आमगांव में उसके बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी जबकि यह सड़क दुर्घटना ना हो कर उसकी हत्या है ऐसा कहकर न्याय की मांग कर रहा है। उसका कहना है कि आमगांव पुलिस थाने में अनेकों बार निवेदन देकर मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की लेकिन किसी भी प्रकार का सहयोग ना मिला।
 
इसके साथ ही वर्ष 2009 में को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा कर्ज उठाया गया था, परंतु वे कर्ज कर्जमाफी में माफ हो गया। इसके बावजूद उस पर कर्ज दिखाकर भरने की मांग की जा रही है। इसी से त्रस्त होकर एवं न्याय पाने वो मोबाइल टावर पर चढ़ा है।अगर न्याय न मिला तो टॉवर से कूदकर जान दे दूँगा ऐसी धमकी दे रहा है।
 
गोंदिया के उपविभागीय पोलीस अधिकारी ताजने द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर फरियादी से चर्चा कर टावर से उतरने का निवेदन किया किंतु टावर पर चढ़े तावड़े द्वारा जब तक गोंदिया की जिलाधिकारी व विधायक घटनास्थल पर नहीं आते तथा उसे न्याय नहीं मिलता तब तक मोबाइल टावर से वह नहीं उतरेगा ऐसा उसने जिद पकड़ रखा। 
 
पुलिस पाटिल श्री राखडे ने बताया कि शाम 6 बजे के दौरान तक नायब तहसीलदार पालान्दूरकर व विधायक विनोद अग्रवाल के प्रतिनिधि के रूप में रोहित अग्रवाल ने आकर वासुदेव तवाड़े से फोन पर बातचीत की, और उसकी हर समस्या का समाधान सोमवार को एसडीओ कार्यालय में बैठकर करने का लिखित आश्वासन भी दिया, पर बात अबतक न बनी।

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