गोंदिया नगर परिषद का कारनामा: 20 करोड़ रुपयों का फंड होने पर भी मंजूर कार्य प्रलंबित..कोविड की लाखों रुपये की दवा नहीं बांटी

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नगरसेवक व शिवसेना जिला समन्वयक पंकज यादव ने पत्र परिषद में दी जानकारी…

प्रतिनिधि।
गोंदिया। नगरसेवक व शिवसेना जिला समन्वयक पंकज यादव ने नगर परिषद की लचर कार्यप्रणाली पर अनेकों आरोप लगाकर जोरदार हमला बोला।
    आज अपने कार्यालय में पत्र परिषद लेकर पंकज यादव ने नगर परिषद की लचर कार्यप्रणाली से पत्रकारों को अवगत कराया। उन्होंने कहा दलित बस्ती, दलितोत्तर, नगर उत्थान रोड, घरकुल योजना, नल योजना के वैशिष्ट्य पूर्ण के कार्य पिछले 8-10 माह से मंजूर होकर भी प्रलंबित पड़े है।
   श्री यादव ने कहा, इस सभी कार्यो हेतु टेक्निकल सर्वे हो चुका है, करीब 20 करोड़ का फंड नगर परिषद के पास जमा है। बावजुद कोविड का आड़ लेकर इन कार्यो को समयसीमा होने पर भी रोका गया है। जिससे शहर में विकास कार्य की गति धीमी हो गई है।
   उन्होंने आरोप लगाया कि जबसे नए मुख्याधिकारी करण चौहान आये है, तबसे शहर में जर्जर इमारतों को नोटीस देकर एहतियात और जानमाल के तहत गिराने का कार्य किया जा रहा है, जबकि खुद नगर परिषद इस जर्जरता का शिकार है जिसका कोई समाधान नही किया जा रहा। उन्होंने कहा, नगर परिषद का सामने का पोर्च, टैक्स विभाग की छत जर्जर हो गई है। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की पुरानी इमारत, गणेश नगर नप स्कूल, रामनगर स्कूल इमारतों की हालत जर्जर है, पर इस पर मुख्याधिकारी ध्यानकेन्द्रित नही कर रहे।
   पंकज यादव ने कहा, कोरोना संकट काल में नगर परिषद द्वारा करीब डेढ़ से दो लाख रुपयों किंमत की होम्योपैथी दवा आर्सेनिक एलबम नागरिको को वितरित करने हेतु दी गई थी, परंतु इस दवा का वितरण भी नगर परिषद द्वारा नही किया। नगर परिषद में इन दिनों सिर्फ घोर लापरवाही और अकर्मण्यता का दौर जारी है जिससे नागरिको को एवं शहर के विकास को कोई लाभ नही पहुँचाया जा रहा।
   नगर सेवक पंकज यादव ने कहा, नगर पालिका की कार्यप्रणाली इतनी सुस्त है कि, उसके अधीन विविध संकुलों की करीब 106 दुकानें नीलामी हेतु खाली पड़ी है, पर उसे बेचा नही गया। करोड़ो की आमदनी इन दुकानों की नीलामी से हो सकती है, पर इसे भी रोके रखा गया है।
  16 अक्टूबर को होने जा रहें सभापति चुनाव को लेकर पंकज यादव ने आक्षेप उठाया। उन्होंने कहा, एक तरफ नगर प्रशासन चुनावी प्रक्रिया नगर परिषद के हाल में करने का नोटिस जारी करती है, वही प्रेस को ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंसिंग से चुनावी प्रक्रिया करने की बात करती है। ये नगर सेवकों के साथ धोखधड़ी प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, पत्र में एक वर्ष हेतु चुनावी प्रक्रिया करने की बात की गई है, जबकि नगर परिषद का चुनाव 2021के शुरुवात में होना है। ऐसे में 16 अक्टूबर को सभापति का चुनाव नप चुनाव की तिथि तक किया जाना चाहिए।

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