गोंदिया: 94 हजार का बिल निकालने मांग रहा था 50 हजार की रिश्वत, एसीबी ने दर्ज किया मामला..

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आरोपी जीप गोंदिया के उमेद कार्यालय में जिला व्यवस्थापन आर्थिक समादेशक (कंत्राटी) के पद पर था कार्यरत..

प्रतिनिधि।
गोंदिया। महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवोन्नत्ति अभियान, जिला अभियान व्यवस्थापन कक्ष (उमेद) जिला परिषद गोंदिया में ठेका पद्धति में जिला व्यवस्थापन आर्थिक समादेशक पद पर कार्यरत आरोपी मनीष कुमार सुरेंद्र पटले द्वारा एक बिल निकालने के नाम पर शिकायतकर्ता से 20 हजार की रिश्वत लेने का प्रयत्न करने पर एन्टी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने कार्रवाई की है।
 ये मामला जुलाई 2021 का है। शिकायतकर्ता
प्रिंटिंग प्रेस चलाता है। उसे इस कार्यालय के माध्यम से प्रपत्र -1 EOL प्रपत्र कुल 2 लाख नग व प्रपत्र-2 मिशन अंत्योदय सर्वेक्षण प्रपत्र 950 संच तय समय में करके देने का कार्य दिया गया था। शिकायत कर्ता ने मीले काम को समय मे पूरा कर बिल मंजूर करने कार्यकाल को दिया था, जहां से उसे 94 हजार 400 लेना बाकी था।
शिकायतकर्ता जब कार्यालय जाकर बिल के संदर्भ में जिला व्यवस्थापन आर्थिक समादेशक मनीष पटले से मिला तो, मनीष पटले ने पूरा बिल निकालने के एवज में शिकायतकर्ता से कुल 50 हजार रिश्वत की मांग की। पर ये रकम शिकायत कर्ता द्वारा बेवजह देना गवारा नहीं हुईं।
शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत एन्टी करप्शन ब्यूरो गोंदिया कार्यालय में 26 जुलाई 2021 को दर्ज कराई। एसीबी ने इस मामले पर पूर्णतः जांच कर पंच के समक्ष 50 हजार की रिश्वत मांगने व 20 हजार में सौदा तय कर उस रिश्वत को हासिल करने का प्रयत्न करने पर एसीबी ने आरोपी के खिलाफ गोंदिया ग्रामीण पुलिस थाने में धारा 7 भ्रष्टाचार प्रतिबंधक अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज कराया है।
ये कार्रवाई एसीबी नागपुर पुलिस अधीक्षक रश्मि नांदेडकर, अपर पुलिस अधीक्षक मिलिंद तोतरे के मार्गदर्शन में पुलिस उपअधीक्षक पुरुषोत्तम अहेरकर, पुलिस निरीक्षक अतुल तवाड़े, पोहवा प्रदीप तुलस्कर, राजेश शेन्द्रे, नापोशी योगेश ऊइके, रंजीत बिसेन, नितिन रहांगडाले, राजेन्द बिसेन, मनापोशी वंदना बिसेन, गीता खोब्रागडे व अन्य कर्मचारियों द्वारा की गई।

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