सारस गणना 2021: गोंदिया और सीमावर्ती बालाघाट जिले में कुल सारसों की संख्या 86

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पूरे महाराष्ट्र में सिर्फ गोंदिया जिले में 39 सारस, सुंदर पक्षियों के सरंक्षण व सर्वधन हेतु शासन व प्रशासन स्तर पर हो प्रयास- सावन बहेकार

प्रतिनिधि। 24 जून
गोंदिया। हाल ही में महाराष्ट्र के गोंदिया जिले सहित सीमावर्ती मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में सारस गणना का कार्य “सेवा” संगठनों के सदस्य, स्थानीय किसानों, सारस मित्रो एवं गोंदिया-बालाघाट वनविभाग कर्मचारियों के संयुक्त माध्यम से किया।

गौरतलब है कि “सेवा” संगठन के अध्यक्ष एवं सारस संरक्षण परियोजना के प्रभारी सदस्य सावन बाहेकर के मार्गदर्शन में पारंपरिक व शास्त्रीय तरीके से सारसों की गणना का कार्य जाता आ रहा है।

सारस गणना 2021 अंतर्गत सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान गोंदिया और बालाघाट जिलों में कुल 70 से 80 स्थानों की गणना की गई। जिनमें बालाघाट जिले के लिए 18 और गोंदिया जिले के लिए 23 टीमों का गठन किया गया था।

प्रत्येक समूह (टीम) में 2-4 सेवा संगठन के सदस्य और वन विभाग के कर्मचारी शामिल थे। पूरे वर्ष, संगठन के सदस्य सारस के विश्राम स्थल, प्रजनन आवास और भोजन मार्गों का अभ्यास करते हैं, साथ ही साथ सारस के आवास में या उसके आसपास रहने वाले किसानों को सारस के संरक्षण और संरक्षक के लिए प्रेरित करते हैं।

बाघ और वैनगंगा नदियाँ महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में गोंदिया और बालाघाट जिलों को विभाजित करती हैं। भौगोलिक दृष्टि से नदी के दोनों किनारों के क्षेत्र की जैव विविधता के बीच कई समानताएं हैं। इसलिए, सारस के कुछ जोड़े निवास और भोजन के लिए दोनों क्षेत्रों में समान संख्या में घूमते हुए पाए जाते हैं।

गोंदिया जिले में 13/06/2021 को कुल 23 दल (टीम) सुबह 5.00 बजे से 10 बजे तक 70-80 स्थानों पर गए और प्रत्येक स्थान पर वन विभाग के कर्मचारियों के साथ गिनती की गई। इस दौरान परियोजना प्रभारी श्री अविजित परिहार के मार्गदर्शन में बालाघाट जिले में 18 दलों द्वारा 60-70 ठिकानों पर सारस का जायजा लिया गया।

13 जून से 19 जून 2021 तक कि गई सारस गणना अनुसार गोंदिया जिले में कुल 39 सारस दिखाई दिए। वही बालाघाट जिले में 47 सारस की गणना हुई। दोनों गणना के अनुसार कुल सारस संख्या 86 पाई गई। इसके अलावा भंडारा जिले में 2 सारस पाए गए।

महाराष्ट्र राज्य में सारस की संख्या बढ़ाये जाने उसके सरंक्षण व सवंर्धन हेतु हो प्रयास- सावन बहेकार

सेवा संगठन के अध्यक्ष व सारस गणना कार्यक्रम के प्रभारी सदस्य सावन बहेकार ने कहा, वर्ष 2021 सारस जनगणना के अनुसार, विशेष रूप से गोंदिया जिले के साथ-साथ भंडारा जिले में, सारस जनगणना की गई थी। सारस पूरे महाराष्ट्र में गोंदिया और जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में पाया जाता है। तत्कालीन सारस जनगणना के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य में 39 सारस पाए गए, यह चिंता की बात है। सूंदर और दुर्लभ सारस पक्षियों के संरक्षण के लिए किसानों और गैर सरकारी संगठनों के साथ ही शासन व प्रशासनिक स्तर पर विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, हर साल बरसात के मौसम में, सेवा संगठन और वन विभाग सारस के आवासों में सारस के घोंसले खोजने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और सारस की देखभाल तब तक करते हैं जब तक कि सारस उन घोंसलों से बाहर नहीं निकल जाता। इस क्षेत्र में वर्ष 2020 में गोंदिया जिले के 9 सारस और बालाघाट जिले के 12 सारसों ने जन्म लिया है और नई जगह की तलाश शुरू कर दी है. पास के जिले में कुछ और स्थानों पर सारस की उपस्थिति का पता चला है, इस हेतु फिर से निरीक्षण किया जाएगा, जिससे पड़ोसी जिलों में सारस की संख्या में वृद्धि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

सारस गणना की इस सात दिवसीय मुहिम को उप वनसंरक्षक श्री कुलराजसिंग वनविभाग गोंदिया व दक्षिण वनविभाग बालाघाट के मंडल अधिकारी श्री. जी.के. वरकडे के विशेष मार्गदर्शन व सहयोग से पूर्ण किया गया। साथ ही वनविभाग के वनपरिक्षेत्र अधिकारी हट्टा श्री. गोविंद मरावी, वनपरिक्षेत्र अधिकारी गोंदिया श्री. सुशिल नादवटे, वनपरिक्षेत्र अधिकारी तिरोडा श्री शेषराव आकरे एवं समस्त वनविभाग कर्मचारियों का सहयोग प्राप्त हुआ।

इनके साथ ही इस सारस गणना को सफल बनाने सेवा संस्था के सभी सदस्यों ने अथक प्रयास किया। जिनमें श्री भरत जसानी, श्री चेतन जसानी, श्री अंकित ठाकुर, श्री. शशांक लाडेकर, श्री कन्हैया उदापुरे, श्री. दुस्यंत आकरे श्री संजय आकरे, श्री अशोक पडोळे, श्री दुश्यंत रेभे, श्री पिंटु वंजारी, श्री रूचीर देशमुख, श्री मुकुंद धुर्वे, श्री बबलु चुटे, श्री बंटी शर्मा, श्री रिशील डाहाके, श्री गौरव मटाले, श्री. सौरभ घरडे, श्री सलिम शेख, श्री राकेश डोये, श्री दानवीर मस्करे, श्री कमलेश कांमडे, श्री जैपाल ठाकुर,श्री जलाराम बुधेवार, श्री प्रशांत मेंडे, श्री प्रविण मेंढे, श्री विकास फरकुंडे, डॉ. तांडेकर, श्री डिलेश कुसराम, श्री. लोकेश भोयर, श्री पप्पु बिसेन,श्री शेरबहादुर कटरे, श्री बसंत बोपचे, श्री धर्मेद्र बिसेन, श्री राहुल भावे, श्री रतिराम क्षीरसागर, श्री ललित भांडारकर, श्री. रवि पालेवार, श्री.अभय कोचर श्री निशांत देशमुख, श्री सिंकदर मिश्रा, श्री. जितु हरीणखेडे, श्री नखाते जी, श्री. निलू डोये, श्री. शेखर फुडे, श्री विशाल कटरे, श्री. जितु हरिनखेड़े, श्री. मुकेश बिसेन, श्री. तपेश कटरे, श्री. चंदन राहंगडाले, श्री. राकेश टेंभुर्णीकर, श्री. पराग जीवानी, श्री अमित बेलेकर, श्री. जिगेश्वर लाडे, श्री. संजय भांडारकर, श्री.रजत नागपुरे, श्री. सुनील पटले, श्री. संतोष हनवते, श्री. परमेश्वर पारधी श्री. किशोर देशमुख, भंडारा जिले में SEAT संस्था के श्री. शाहिद खान ने सहयोग किया।

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