भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करने चक्रीय अर्थव्यवस्था को अपनाना हमारा सिद्धांत हो- जिलाधिकारी गोतमारे

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जेएनएआरडीडीसी द्वारा आयोजित सर्कुलर इकोनॉमी कैंपेन-2023 कार्यक्रम में गुजराती स्कूल व म्युनिसिपल स्कूल के शालेय विद्यार्थी हुए पुरुस्कृत..

 

गोंदिया। 19 जुलाई
भारत में हमेशा से पुनर्चक्रण एवं पुन:उपयोग की संस्कृति रही है, इसकी तीव्र आर्थिक वृद्धि, बढ़ती जनसंख्या, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के परिदृश्य में इसके लिये एक चक्रीय अर्थव्यवस्था को अपनाना अब अधिक अनिवार्य हो गया है। देश की सरकार आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के, स्वच्छ और स्वस्थ भारत के सिद्धांत के साथ देश के समग्र विकास के लिए पुनर्चक्रण के प्रभावी दृष्टिकोण को विकसित करने पर कार्य कर रही है। हमें और इस भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति की देखभाल की भावना पैदा करने के लिए जलवायु और सतत विकास शिक्षा पर कार्य करने की, जनजागृति करने की आवश्यकता है. उक्त संबोधन जिलाधिकारी चिन्मय गोतमारे उपस्थित शालेय विधार्थियों के समक्ष व्यक्त कर रहे थे।

जिलाधिकारी श्री गोतमारे, आज 19 जुलाई को भीमनगर स्थित पूंजाबाई पटेल कॉलेज ऑफ एज्युकेशन संस्थान, गोंदिया के सभागार में भारत सरकार के खान, इस्पात, नीति आयोग के संयुक्त कार्यक्रम के तहत जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम रिसर्च डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर, (JNARDDC) नागपुर द्वारा आयोजित सर्कुलर इकोनॉमी कैंपेन 2023 के 6वें कार्यक्रम में बोल रहे थे।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी चिन्मय गोतमारे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिप गोंदिया अनिल पाटील, शिक्षणाधिकारी कादर शेख, JNARDDC के हेड प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. उपेंद्र सिंह, JNARDDC के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. प्रवीण भुक्ते, डॉ. निकोसे सर, JNARDDC की प्रशासकीय अधिकारी विशाखा मैडम, गुजराती नेशनल हाईस्कूल की प्रिंसिपल रिजवाना अहमद मैडम, पाटील सर, मुकुंद पारधी, ऋषि पारधी, तिरपुड़े सर, कृष्णा बोस एवं मनोहर म्युनिसिपल स्कूल के शिक्षकों की उपस्थिति सहित सैकड़ों विद्यार्थियों की मौजूदगी रही।

जिलाधिकारी श्री गोतमारे ने शालेय विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आगे कहा, हम आज शिक्षा में आगे बढ़ रहे है। हम कल के देश के सुनहरे भविष्य है। हमें देश की अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत हो, हमारा देश स्वच्छ, स्वस्थ और कैसे प्रगतिशील हो इस पर कार्य करने की जरूरत है। आज इन देश के भविष्यकर्ता शालेय बच्चों ने जो मॉडल और अनुभव अपने कौशल से प्रकट किया वो देशहित, प्रगति के उच्च विचारों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करने चक्रीय अर्थव्यवस्था को अपनाना हमारा मुख्य सिद्धांत होना चाहिए।

जिला परिषद के सीईओ अनिल पाटील ने अपने संबोधन में कहा, हमें अंग्रेजी के तीन आर (RRR) प्रणाली के तहत सक्रिय अर्थव्यवस्था पर कार्य करने की जरूरत है। इनमें रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल पर जोर देने की जरूरत है। यानी कम करना, पुन: उपयोग करना और पुनर्चक्रण करना चक्रीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं। कृषि, घरेलू सामान, मोटर वाहन, निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई क्षेत्रों में चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांत को लागू करने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा, अगर हम तीन आर की नीति संकल्पित कर आगे बढ़ते है तो, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों और हरित अर्थव्यवस्था में रोज़गार सृजन के साथ-साथ कौशल विकास के बहुत सारे अवसर पैदा किए जा सकते हैं. कौशल विकास और रोज़गार सृजन के लिए प्रारंभिक चरणों में चक्रीय अर्थव्यवस्था की विचारधारा को आगे बढ़ाने की संधारणीयता के अनुकूल नीतियों और दृष्टिकोणों को अपनाया जाना चाहिए।

शिक्षणाधिकारी कादर शेख ने कहा, हमारे पास जो भी वस्तु उपयोग की हो, उसे तबतक चलाओ जब तक वो पूर्णतः खराब न हो जाये। खराब होने पर उसे फेंके नही, बल्कि उसे बेच डाले। यही रिसाइक्लिंग प्रक्रिया है। हमें देश का जिम्मेदार, कर्तव्यवान नागरिक बनना है। हम देश के भविष्य है।

जेएनएआरडीडीसी के एचओडी डॉ. उपेन्द्र सिंह ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे के समाधान के लिए संसाधन दक्षता बढ़ाने और पुनर्चक्रित सामग्रियों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। जेएनएआरडीडीसी के एचओडी डॉ. पीजी भुक्ते और डॉ. यू सिंह ने मेटल रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति भी दी।

मुख्य अतिथि जिलाधिकारी चिन्मय गोतमारे, ने बच्चों में जागरूकता पैदा करने की इस पहल की सराहना की और जिले के सभी स्कूलों में इस नेक भावना को आगे बढ़ाने का वादा किया व आगामी क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस जागरूकता प्रोग्राम में गुजराती नेशनल हाई स्कूल एवं मनोहर म्युनिसिपल हाई स्कूल के करीब 350 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। छात्र-छात्राओं ने वेस्टेज मटेरियल से बनाए गए अद्भुत चित्र और मॉडल का प्रदर्शन किया। इनमें गुजराती नेशनल हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी कार्यकुशलता ( स्किल एज्युकेशन) का परिचय देते हुए सरहानीय मॉडल व चित्र का प्रदर्शन कर प्रथम पांच पुरस्कार प्राप्त किया। वही मनोहर म्युनिसिपल स्कूल के विद्यार्थियों ने चित्र में बेहतर प्रदर्शन कर अपने हुनर का परिचय दिया।

कार्यक्रम का संचालन जेएनएआरडीडीसी की प्रशासकीय अधिकारी श्रीमती आर.विशाखा मैडम ने किया।

इस शालेय विद्यार्थियों के जागृति प्रोग्राम में सर्वश्रेष्ठ पांच प्रदर्शनियों और चित्रों को गणमान्य मान्यवरों द्वारा नकद पुरस्कार, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।

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