गोंदिया: फुलचुर-फुलचुरटोला दोनों ग्रामपंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने राजेश चतुर का अन्नत्याग सत्याग्रह…

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गोंदिया नगरपालिका में शामिल करने का प्रस्ताव असंवैधानिक- राजेश चतुर

प्रतिनिधि। 09 सितंबर
गोंदिया। फुलचुर और फुलचुरटोला ग्राम पंचायतों को बिना ग्राम पंचायत की अनुमति लिए गोंदिया नगर परिषद द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी देकर जिलाधिकारी गोंदिया को नगर पालिका में शामिल करने भेजा गया प्रस्ताव गैरकानूनी व असंवैधानिक है। इस मामले पर दोनों गाँवो को नगर पंचायत बनाने की ग्रामवासियों की मांग को दरकिनार कर शासन को ना भेजने आदि को लेकर राजेश चतुर व ग्रामवासी द्वारा आमरण उपोषण एवं अन्नत्याग सत्याग्रह आंदोलन 8 सितंबर से किया जा रहा है।
इस मामले पर राजेश चतुर ने कहा, महाराष्ट्र नगर पंचायती, नगर परिषदा एवं औद्योगिक नगरी अधिनियम 1965 की धारा (अ1) पोट कलम (1) अन्वय जिला मुख्यालय को नगर पंचायत बनाना अनिवार्य है। इसकी सारी प्रक्रिया जिलाधिकारी गोंदिया के पास उपलब्ध है। इस मामले पर नगर विकास विभाग मंत्रालय मुंबई द्वारा 26 फरवरी 2021 एवं 22 दिसम्बर 2020 के पत्र अनुसार दोनों गाँव को नगर पंचायत बनाने प्रस्ताव शासन को भेजने निर्देशित किया गया बावजूद इन दोनों गाँव को गोंदिया नगर पालिका में शामिल करने साजिश रची गई जो गैरकानूनी व असंवैधानिक है।
उन्होंने कहा जिलाधिकारी अब राज्य चुनाव आयोग के 20 अगस्त 2021 के पत्र जो नगर परिषद के प्रभाग रचना आराखडा तैयार करने का हवाला देकर जो 20 अगस्त व्यवस्था अनुसार ग्राम पंचायत पर लागू नही होती फिर भी दोनों गाँवो के प्रस्ताव को लंबित रखा गया है।
राजेश चतुर ने कहा हमारी मांग दोनों गाँव के अस्तित्व को बचाने की है। दोनों गाँव को नगर पंचायत का दर्जा देने जिलाधिकारी ने लंबित प्रस्ताव को शासन को भेजने व नगर परिषद में शामिल न करने को लेकर अपनी न्यायिक आवाज बुलंद करने ये आंदोलन किया जा रहा है। जब तक जिला प्रशासन सकारात्मक निर्णय नही लेता तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा।

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