घर बेचकर तमाशा देखने वाला बजट- आम आदमी, करदाता, महिला सुरक्षा, रेल यात्री को कोई राहत नहीं- प्रदेश कांग्रेस सचिव सीए विनोद जैन

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प्रतिनिधि।

गोंदिया। आज केंद्रीय वित्तमंत्री द्वारा जारी बजट 2021 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व पेशे से सीए श्री विनोद जैन ने कहा, ये आम आदमी के फायदे का बजट नही, बल्कि देश को बेचने का बजट प्रतीत होता है।

विनोद जैन ने कहा, बजट प्रस्तुत करते हुए मोदी सरकार की वित्त मंत्री ने फिर एक बार पुरानी घोषणाओं के सहारे बजट को आकर्षक बनाने की कोशिश की। किंतु इस पूरे बजट में कोरोना महामारी के पहले से ही लुढ़कती अर्थव्यवस्था को संवारने, जीडीपी के तीन फीसदी की सीमा से वित्तीय घाटे के सात फीसदी होने पर उपाय योजना, कोरोना महामारी के कारण आम आदमी पर भारी हॉस्पिटल व इलाज ख़र्च के लिए टैक्स में राहत तथा वेतनभोगी लोगों को घर से काम करने के कारण बढ़े हुए खर्चों में छूट आदि मुद्दों पर कुछ भी नहीं है।

 

आत्म निर्भर भारत का अर्थ मोदी सरकार के लिए देश बेचना है। बड़ी बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों जीवन बीमा निगम आदि को बेचना, सरकारी संपत्तियों को बेचना, रेल्वे को बेचना और रुपया जुटाकर आत्मनिर्भर भारत का नारा लगाना यानी घर बेचकर तमाशा देखना वाली बात है।

आम आदमी को कोई राहत नहीं, छोटे कर दाता को कोई राहत नहीं, व्यापारियों को जीएसटी में कोई सुविधा नहीं, वेतनभोगियों को कोई छूट नहीं, किसानों की आय बढ़ाने का कोई साधन नहीं, महिला सुरक्षा के कोई उपाय नहीं, छात्रों को कोरोना के कारण नुकसान की पूर्ति के कोई उपाय नहीं। ग्रामीणों की लाइफलाइन मनरेगा पर कुछ नहीं।

बड़े उद्योगपतियों के लिए टैक्स छूट और पूंजी निवेश के खूब मौके इस बजट में हैं। बड़े उद्योगपतियों की कंपनियों को अधिकतम टैक्स 25 फीसदी तथा सामान्य व्यक्तियों को अधिकतम टैक्स 35 फीसदी यह अंतर अभी भी बरकरार है। चुनावी राज्यों में लाभ पाने की दृष्टि से कुछ राहत वहां के लोगों को मिली है।

कुल मिलाकर ‘देश नहीं बिकने दूंगा’ भी अब जुमला साबित हो गया है। यह बजट कम देश बेचने का टेंडर अधिक लगता है।

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