गोंदिया: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के बाद दीपेश सोनवाने हुए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित

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गोंदिया: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के बाद दीपेश सोनवाने हुए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित

प्रतिनिधि।
गोंदिया। हौसलें बुलंद हो तो, तकदीर भी झुककर सलाम करती है। कुछ ऐसा ही गोंदिया शहर के शास्त्री वार्ड निवासी दीपेश महेंद्र सोनवाने के साथ हुआ है।दीपेश द्वारा पेंसिल की लीड में उनकी सूक्ष्म कला के लिए “एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2020 में, दीपेश को “इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स” पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। अब नए साल 2021 की शुरुआत के साथ, उन्हें “एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स” का पुरस्कार मिला है।
    कहते हैं ना, हुनर का कोई तोड़ नहीं। दुनियाभर में अनेक हुनरबाजों ने अपने कारनामों को जगजाहिर कर कई कीर्तिमान स्थापित किये है। गोंदिया के दीपेश भी उन्हीं कलाबाजों में एक है, जिन्होंने एक साधारण पेंसिल की लीड पर सूक्ष्म कला के माध्यम से कई प्रकार की कलाकृति बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया है।
    दीपेश ने पेंसिल पर कई तरह के नाम लिखे हैं, प्रतीक बनाना, महापुरुषों की मूर्तियां बनाना, देवी दुर्गा की प्रतिकृतियां, पतंग धागा, शिवपिंड आदि पेंसिल के कवर पर बनाए गए हैं। उसी से उन्हें अपनी एक कला के लिए “एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड” का पुरस्कार मिला है।
    दीपेश ने दुनिया के सभी सात अजूबों को एक ही पेंसिल के लीड पर बनाया है। इनमें ताजमहल, चीन की महान दीवार, किस्तो रेडेंटोर, पेट्रा, कोलोसियम, माकसू पिकत्सू और चिचेन इत्सा शामिल हैं।
     गौरतलब है कि दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार वल्लभभाई पटेल की 597 फुट ऊंची “द स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” है। मूर्ति को 0.7 से.मी..पेंसिल के लीड पर ड्राइंग करके दीपेश द्वारा एक अलग रिकॉर्ड बनाया गया था। इस हेतु गोंदिया जिले के अपर जिलाधिकारी राजेश खवले व जिला परिषद के सीडीपीओ विनोद कुमार चौधरी ने दीपेश को सम्मानित कर इस अवार्ड की शुरुवात की थी। दिपेश सोनवाने ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बहनों को दिया। उनके दोस्तों और रिश्तेदारों ने भी उनके उत्साह की प्रशंसा की। उनका हर जगह अभिनंदन किया जा रहा है।
     जयंत मुरकुटे, रतीराम भंडारकर, मंगेश सोनवाने, श्रुति सोनवाने, स्नेहल सोनवाने, श्रीकांत चूटे, अनीता मुरकुटे, संतोष भांडारकर, संजय आसटकर, रूपचंद रामटेककर, जयेश मुरकुटे, भोजराज रणदिवे, दिनेश रामटेककर, संजय मुरकुटे,मनोज सोनवाने, सुनील तिवारी, राजेश कापसे, राजकुमार कुथे, शैलेश निकोडे, रेवाराम सोनवाने आदि ने उन्हें बहुत बधाई दी।

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