भाजपा के शासन काल में पिछले पांच वर्षों में भंडारा का विकास थम गया- सासंद प्रफुल पटेल

275 Views

पटेल ने कार्यकर्ताओं से कहा, राकांपा द्वारा किये जा रहे विकासात्मक जनहित के कार्यों को लोगों तक पहुँचाएं

प्रतिनिधि।
भंडारा। साल भर के कार्यकाल में एनसीपी ने अपने वादे निभाने की पूरी-पूरी कोशिश की। पार्टी धान को सही मूल्य प्रदान करने और आम आदमी के समग्र विकास के लिए आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी पार्टी इस बात पर भी विचार कर रही है कि इस पर बने बिना आम आदमी की समस्याओं को कैसे हल किया जाए। हम महाविकास आघाडी सरकार के माध्यम से आने वाले समय में गोंदिया और भंडारा दोनों जिलों को कैसे समृद्ध करें, इसे लेकर एक सूक्ष्म नियोजन पर कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक कार्यकर्ता को इस जनहित कार्य की योजना को आम जनता तक पहुँचाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उक्त आशय सांसद प्रफुल्ल पटेल ने व्यक्त किया।
   सांसद श्री पटेल साकोली तहसील में पिंडकेपार स्थित श्रीराम मंदिर सभागृह में एनसीपी द्वारा आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में बोल रहे थे।
   इस अवसर पर, सांसद प्रफुल्ल पटेल ने आगे कहा कि आगामी समय में स्थानीय स्वराज्य संस्था के चुनाव होंने जा रहे है। चुनावों की पृष्ठभूमि पर, जो लोग काम कम और बढ़ाई ज्यादा बताते है वे फिर से जनता को गुमराह करने के लिए आएंगे। ऐसे लोगो के लिए भी कार्यकर्ताओं को तैयार रहने की जरूरत है। पिछले पांच सालों में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने विकास के मामले में कुछ नहीं किया है। यह सभी जानते हैं।
   वास्तविक अर्थ में, भंडारा जिले की स्थिति देखें तो पिछले पांच वर्षों में विकास रुका हुआ है। सिंचाई की योजनाएं लटकी पड़ी है। किसानों को धान का भाव बढ़ाकर नही मिला। भाजपा द्वारा किए गए सभी वादे विफल हो गए हैं, और इन मामलों को भी आम जनता स्पष्ट रूप से देख चुकी है। पटेल ने कहा हम दोनों जिलों के समग्र विकास के लिए प्रयासरत हैं।

   कोरोना संकट से निपटते हुए भी महाराष्ट्र सरकार ने, गोंदिया और भंडारा दोनों जिलों के किसानों को स्थिर धन देने का कार्य किया जबकि इस संकट में केंद्र सरकार का किसान विरोधी रुख भी उजागर हुआ है। पिछले दो माह से लाखों की संख्या में किसान आंदोलन कर रहे है, पर उनके आंदोलन की कोई दखल नही ली जा रही। इससे भाजपा का वैचारिक चित्र सबके सामने आ चुका है। आगामी समय मे होने वाले सभी चुनाव सर्वशक्ति के साथ लड़ने हेतु कार्यकर्ता सजग व तैयार रहे ऐसी अपील श्री पटेल ने की।

   इस अवसर पर प्रमुखता से मधूकर कुकडे, धनंजय दलाल, सुनिल फुंडे, प्रशांत पवार, अतुल परशूरामकर, जया भूरे, अंगराज समरीत, प्रभाकर सपाटे, रामचंद्र कोहळे, शैलेश गजभिये, सुरेश बघेल, अनिल टेंभरे, डाॅ. अनिल शेंडे, प्रदीप मासुरकर, सुरेश पंधरे, लता द्रुगकर, रेणूकाताई कोहळे, सुशमाताई समरीत व मायाताई दिघोरे आदी वरीष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता  प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

Related posts