गोंदिया: स्त्रियों ने जीजाऊ- सावित्री-फातिमा की जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए- प्रा. डॉ. दिशा गेडाम

126 Views

गोंदिया: स्त्रियों ने जीजाऊ- सावित्री-फातिमा की जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिएप्रा. डॉ. दिशा गेडाम

प्रतिनिधि।

गोंदिया: – “राजमाता जीजाऊने शाही परिवार पर गर्व किए बिना, आत्मविश्वास के साथ युद्ध की राजनीति में दक्षता हासिल की. इसका उपयोग बाद में शिवाजी को युद्धकला और राजनीति सिखाने के लिए किया.

सावित्रीमाई फुले और फातिमा शेख ने बहुत ही विपरीत परिस्थितियों में गोबर- पत्थर का मार झेलकर समाज में शिक्षा क्रांती की शुरूवात की. आज की महिला चुल्हाचौके की परिधि से परे जाने के लिए तैयार नहीं है, वास्तव में, एक सामाजिक व्यवस्था बन गयी है जिसे उसने सहज स्विकार कर लिया है। वर्तमान मे महिलाओ में मुख्य रूप से अवसाद, हीन भावना या असुरक्षा की भावना का अनुभव होता है. महिलाओं को जीजाऊ- सावित्री- फातिमा की जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कुशल बनना चाहिए” ऐसा प्रतिपादन “स्त्री समस्या और उसका समाधान” इस विषय के अभ्यासक, स्थानीक गर्ल्स कॉलेज के प्रा. डॉ. दिशा गेडाम इन्होने किया.


वह राजमाता जीजाऊ, सावित्रीमाई फुले और फातिमा शेख की जयंती के अवसर पर स्थानीय गांधी वार्ड में नागार्जुन बुद्ध विहार में नागार्जुन बुद्ध विहार महिला मंडल, पाटलिपुत्र बुद्ध विहार और संविधान मैत्री संघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक प्रबोधन कार्यक्रम में बोल रही थीं.

अतिथी स्वरुप उपस्थीत माधुरी भेलावे, रिना भोंगाडे, करुणा कामथ इन्होने महामानवो के छायाचित्र समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की सुरुवात की. कार्यक्रम का सफल संचालन निलु मोहंती, अंजु वैद्य इन्होने तर उपस्थित मान्यवरो का आभार आभा मेश्राम इन्होने माना. कार्यक्रम की सफलता हेतू नागार्जून बुद्ध विहार मंडळ तर्फे छाया सहारे, पंचशीला मेश्राम, रेखा वाहने, मंजू बन्सोड, प्रमीला भालाधरे, उषा बन्सोड, वंदना गणवीर, संगीता बन्सोड, कौशल्या बोरकर, कमला गणवीर, दिवला राऊत, अश्विनी वैद्य, मंगला बोरकर, युवा मंडळतर्फे राजकुमार बागड़े, पाटलिपूत्र बुद्ध विहार महिला मंडळ से गौतमा चिचखेडे, प्रतिमा रामटेके, संविधान मैत्री संघ की ओर से संयोजक अतुल सतदेवे इन्होने प्रयास किया.

Related posts