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पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी सहित 3 आरोपी नैनपुर से गिरफ्तार,
गोंदिया | क्राइम रिपोर्ट
गोंदिया जिले के कारंजा निवासी अनमोल वसंत रंगारी (40) की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मृतक द्वारा अपनी पत्नी को लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दिए जाने से नाराज होकर उसके साले ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलाया।
पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को मृतक के परिजन ने गोंदिया ग्रामीण पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अनमोल रंगारी 22 जून की रात घर से स्कूटी लेकर निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन किसान चौक, फुलचुर के पास सड़क किनारे खेत में उसका शव मिला। शव के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय अपराध शाखा (LCB) को समानांतर जांच सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक का अपनी पत्नी के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था और वह उसके साथ मारपीट व मानसिक उत्पीड़न करता था। इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी।
जांच के आधार पर पुलिस ने मृतक के साले निरज तुलसीराम बनसोड (28) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने हत्या की साजिश कबूल करते हुए बताया कि पिछले कई वर्षों से जीजा द्वारा उसकी बहन को प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसने हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, निरज ने मध्यप्रदेश के मंडला जिले के नैनपुर निवासी रोहित उर्फ आयुष नहार बंशकार (19) को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की सुपारी दी। योजना के तहत रोहित अपने दो साथियों निशांत मंगल बंशकार (19) और राहुल मिश्रा (32) के साथ गोंदिया पहुंचा।
22 जून की शाम आरोपियों ने अनमोल रंगारी को शराब पीने के बहाने कारंजा से फुलचुर मार्ग की ओर बुलाया। वहां सभी ने मिलकर शराब पी और बाद में लोहे के औजार से उसके सिर पर हमला कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के नैनपुर पहुंचकर तीनों फरार आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने भी अपराध स्वीकार कर लिया। सभी चार आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए गोंदिया ग्रामीण पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई गोंदिया पुलिस एवं स्थानीय अपराध शाखा की संयुक्त टीम द्वारा की
