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क्राइम रिपोर्टर।
गोंदिया। अन्न व औषध विभाग (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे के अवैध व्यापार पर जारी तालाबंदी से पूरा महाराष्ट्र थर्राया हुआ है। धड़ाधड़ हो रही कार्रवाई से गुटखा, खर्रा, तम्बाकू व्यवसाय बिक्री के छोटे बड़े व्यवसायी दहशत में है।
महाराष्ट्र के अन्न व औषध प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे के राज्य में गुटखा, तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाले के अवैध व्यापार, उत्पादन और भंडारण को रोकने के लिए उठाये गए सख्त कदम से पूरा सिस्टम हिल गया है।मकोका (MCOCA) कानून के तहत सीधी कार्रवाई के आदेश देने से दहशत का वातावरण है।
उनके नेतृत्व में FDA विभाग की टीम द्वारा राज्यभर में अवैध तंबाकू और गुटखा विक्रेताओं के खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है और भारी मात्रा में प्रतिबंधित माल जब्त किया जा रहा है। इन उत्पादों की बिक्री अन्न सुरक्षा व मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act) के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित है और जनहित को देखते हुए इसे सख्ती से लागू किया गया है।
गोंदिया जिले में भी अनेक जगहों पर एफडीए की टीम द्वारा कार्रवाई किये जाने से तम्बाखू, खर्रा, गुटखा पान मसाला के छोटे विक्रेता, पान टपरी व्यवसायियों पर सीधा असर देखा जा रहा है। एफडीए की टीम द्वारा नजर रखने पर खर्रो कारोबार ठप्प दिखाई दे रहा है।
गुरुवार को गोंदिया शहर के अनेक ठिकानों पर ताला लगा दिखाई देने पर तंबाकू मिश्रित खर्रा, पान मसाला, गुटखा के शौकीन भटकते हुए दिखाई दिए। गौरतलब है कि पूर्व विदर्भ में सुगंधित तम्बाखू, कच्ची, भुंजी सुपारी मिश्रित खर्रा, गुटखे के बड़े शौकीन है। एक खर्रे कि किंमत 40 रुपये से लेकर 20 रुपये तक है। शौकीनों को देखते हुए, इसका कारोबार जबरदस्त है। शहर से लेकर गांव तक ये शौक जुबान में लगा हुआ है।
पर एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने इस अवैध कारोबार को स्वास्थ्य के प्रति गम्भीरता से लेते हुए इस पर रोक लगाने मकोका जैसे सख्त कदम उठाएं। इस धंदे की बड़ी मछली से लेकर छोटे विक्रेता पर इसका असर दहशत के रूप में दिखाई दे रहा है। इसका मुख्य कारण, तुकाराम मुंढे स्वयं इस कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे है। उन्होंने ऐसे मामलों की जानकारी के लिए टोलफ्री नम्बर भी जारी किया है।
