पेट्रोल-डीजल के बेताहाशा बढ़ते दरों को लेकर शिवसेना हुई आक्रामक, मंदी के दौर में जनता के जेबों में डाका डाल रही केंद्र सरकार – जिलाप्रमुख मुकेश शिवहरे

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पेट्रोल-डीजल के बेताहाशा बढ़ते दरों को लेकर शिवसेना हुई आक्रामक, मंदी के दौर में जनता के जेबों में डाका डाल रही केंद्र सरकार – जिलाप्रमुख मुकेश शिवहरे

गोंदिया शहर में पेट्रोल 91.59, पैसे प्रति लीटर..

हकीक़त न्यूज।
गोंदिया। जबसे केंद्र में भाजपा की सरकार सत्ता में आयी है, तबसे आम आदमी आर्थिक तंगहाली में पिस्ता ही जा रहा है। हर तरफ केंद्र की जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद है। वर्तमान में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दरों में भारी कमी के बावजूद केंद्र सरकार सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर आम आदमी के जेब में सीधे डाका डाल रही है।

शिवसेना ने केंद्र सरकार के इस जनविरोधी बेताहाशा मंहगाई पर आक्रामक होकर हमला बोला है। शिवसेना जिलाप्रमुख मुकेश शिवहरे ने कहा, 2014 के पूर्व देश मे क्रूड ऑयल का औसत दाम 105.87 डॉलर प्रति बेरल था। उस दौरान पेट्रोल के दाम 70 रुपये के भीतर ही थे।

शिवहरे ने कहा, मोदीजी के प्रधानमंत्री बनने के चार साल बाद 2018 में क्रूड ऑयल 69.02 डॉलर प्रति बेरल पर पहुँच गया, पर सरकार ने 9 रुपये 48 पैसे एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाकर 19 रुपये 48 पैसे कर दी। जिससे कच्चे तेल की किंमत कम होते हुए भी पेट्रोल महंगा कर दिया गया।

आज वर्तमान में क्रूड ऑयल 49.09 डॉलर प्रति बेरल पर चल रहा है, पर केंद्र सरकार पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज के रूप में प्रति लीटर 32.98 पैसे कर लगाकर 91.59 रुपये प्रति लीटर भाव वसूल रही है। इसी तरह आज डीजल पर 31.83 पैसे एक्साइज ड्यूटी लगाकर डीजल का भाव 80.55 पैसे प्रति लीटर वसूल रही है।

शिवसेना जिलाप्रमुख मुकेश शिवहरे ने कहा, कच्चे तेल के भाव कम होने के बावजूद केंद्र सरकार ने टैक्स बढ़ाकर पेट्रोल-डीजल में बढ़ोत्तरी कर आम आदमी की आर्थिक कमर तोड़ दी है। पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ने से ट्रांसपोर्टिंग के दरों में बढ़ोतरी हुई है। इसका असर आम आदमी के रोजमर्रा के वस्तु खरीदी के दाम बढ़ने पर हुआ है। देश की जनता आर्थिक संकट में मंहगाई के दौर से गुजर रही है।

उन्होंने कहा, इस गंभीर मुद्दे को लेकर शिवसेना आक्रामक है। पेट्रोल-डीजल पर होती बढ़ोतरी को लेकर शिवसेना सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगी।

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