युवा पीढ़ी राष्ट्र का भविष्य, धर्म, अनुशासन और शिक्षा के मार्ग से ही भारत विश्वगुरु – संत आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज

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मिलिट्री स्कूल के छात्रों ने दिखाया अनुशासन और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम

गोंदिया। मनोहरभाई पटेल नॉलेज कैंपस, गोंदिया में आज दिगंबर जैन संत आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर मिलिट्री स्कूल के विद्यार्थियों ने अनुशासित परेड के माध्यम से संतश्री को नमन करते हुए आध्यात्मिक चेतना व श्रद्धा, सांस्कृतिक मूल्यों और सैन्य अनुशासन का अद्वितीय परिचय दिया।

आचार्य श्री गुरूजी ने अपने प्रवचन में विद्यार्थियों को जीवन में संयम, सेवा और साधना के मार्ग पर चलने का सन्देश दिया। उन्होंने कहा, युवा पीढ़ी ही राष्ट्र की आधारशिला है, यदि वह धर्म, अनुशासन और शिक्षा को अपने जीवन का मूल बनाये तो भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होगा। उनके ओजस्वी विचारों ने विद्यार्धिओं के साथ साथ उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का आयोजन गोंदिया शिक्षण संस्था के मार्गदर्शक श्री प्रफुल पटेल, अध्यक्षा सौ.वर्षाताई पटेल, सचिव श्री राजेंद्र जैन एव संचालक श्री निखिल जैन के मार्गदर्शन मे आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में कल्लू जैन, राजू एन जैन सहित बड़ी संख्या में समाज बंधू , गणमान्य नागरिक, शिक्षक, विद्यार्थी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना एवं शांति पाठ के साथ किया गया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थिओं को यह सन्देश मिला की शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन मूल्यों, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से भी गहराई से जुड़ी होती है।

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