अपने लिये तो हर कोई जीता है लेकिन दूसरों के प्रति समर्पित होने की मिसाल है स्व. मनोहरभाई पटेल

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कल 9 फ़रवरी शिक्षा महर्षि मनोहरभाई पटेल की 117वीं जयंती समारोह..

गोंदिया / भंडारा :

शिक्षा महर्षि व स्वनामधन्य नेता स्व. मनोहरभाई पटेल की ११७ वी जयंती पर सर्वत्र उन्हें स्मरण किया जा रहा है। अपने लिये तो हर कोई जीता है लेकिन दूसरों के प्रति समर्पित होना न केवल असंभव है बल्कि इसकी मिसाल भी कही देखने को नहीं मिलेगी पर स्व. मनोहरभाई पटेल इसके प्रतीक थे जिन्होंने अपने जीवन के अभाव व कष्ट के दिनों में यह संकल्प किया था कि जब भी उनके अच्छे दिन आयेंगे व दिल खोलकर इसका उपयोग करेंगे और इस संदर्भ में सभी यह जानते है कि वे कमजोर आर्थिक हालातों के कारण स्वयं शिक्षा हासिल नहीं कर पाये थे लेकिन जब स्वयं संपन्न हुये तब इस संकल्प के चलते उन्होनें वंचित लोगों को शिक्षा प्रदान करने के लिये जो प्रयास प्रारंभ किये उसने बाद में एक अभियान का रूप ले लिया और गोंदिया शिक्षण संस्था की स्थापना कर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रयास प्रारंभ किया उसके कारण गोंदिया ही नही भंडारा में भी न केवल प्राथमिक, माध्यमिक या उच्च बल्कि विभिन्न विषयों के महाविद्यालयों का भी एक जाल सा उन्होंने बिछा दिया और उनका वह सफर निरंतर आगे बढ़ता रहा।

सर्वाधिक उल्लेखनीय यह है कि उनके पुत्र पूर्व केंद्रीय मंत्री व वर्तमान सांसद प्रफुल पटेल ने अपने पिता की इस शैक्षणिक विरासत को गरिमामय ढंग से आगे बढ़ाने में किसी तरह की कसर बाकी नही रखी और आज यह संस्था केवल इन दो जिलों में ही नही बल्कि पूरे विदर्भ में अपनी एक उज्वल पहचान के साथ निरंतर आगे प्रशस्त हो रही है।

स्व. मनोहरभाई ने अपनी इच्छा शक्ति व पुरुषार्थ के भरोसे अपने जीवन के शुन्य से जिस तरह आगे बढ़ाया वह सभी के लिये एक मिसाल बन गया और आर्थिक संपन्नता ही नही समर्पण, निष्ठा, कर्तव्य परायणता, विश्वसनियता, उच्च आदर्श व प्रखरता के प्रतीक बन गये है। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने व्यापक पैमाने पर जनता का स्नेह, अपनापन व विश्वास अर्जित किया था और नगर परिषद के अध्यक्ष पद से लेकर विधायक व राजनीति में एक विशिष्ट छवि के साथ जिले या राज्य में ही नही राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक अलग प्रखरता स्थापित की थी। उस महामानव की जयंती के अवसर पर हम सभी उन्हें अपनी विनम्र श्रध्दांजलि अर्पित करते है।

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