गोंदिया: पूरे देश का श्रद्धा स्थल है कचारगड़, हमारी आदिवासी संस्कृति में हमें गर्व है- आदिवासी विकास मंत्री डॉ. गावित

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प्रतिनिधि।

गोंदिया: आदिवासी समाज के देश विख्यात कोया पुनेम महोत्सव हेतु महाराष्ट्र के गोंदिया जिला स्थित सालेकसा तहसील के कचारगड़ आये आदिवासी विकास मंत्री डॉ.विजयकुमार गावित ने कहा कि आदिवासी संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है और हमें हमारी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए. आदिवासी बंधुओं को अपनी संस्कृति को संभाल रखने का आज यहां साक्षात दर्शन हुए है। समाज के लोगों ने किसी भी प्रकार के प्रलोभन में न आकर अपने धर्म के प्रति सजग रहना चाहिये. इस मामले में सरकार पूरी तरह आपके साथ खड़ी रहेगी.
केंद्रीय मंत्री श्री गावित ने कहा, आदिवासी के नाम पर सरकार की ढेर सारी योजनाएं चल रही हैं, जिनका लाभ लेना चाहिए. आगामी समय में आदिवासी समाज को जिस चीज की जरूरत पड़ेगी, उसी का लाभ दिया जाएगा और इस प्रकार का निर्णय सरकार लेने जा रही है.

आदिवासी विकास मंत्री डॉ.गावित ने कहा कि गोंदिया जिले की सालेकसा तहसील में कचारगढ़ पूरे देश के आदिवासी समाज का श्रद्धा स्थान है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कई प्रकार की भौतिक सुख-सुविधा नहीं मिलती. इसके लिए राज्य का आदिवासी विकास मंत्रालय विकास निधि देने तत्पर है. लेकिन उसके लिए उचित नियोजन बनाकर प्रारूप तैयार करने की आवश्यकता है. कचारगढ़ के विकास के लिए निधि की कमी नहीं होने दी जाएगी.
आदिवासी गोंड जनजातीय श्रद्धा स्थल कचारगढ़ में पांच दिवसीय यात्रा का आयोजन किया गया है. मंत्री डॉ.गावित के हाथों कोयापुनेम महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया गया. इस यात्रा के दूसरे दिन कचारगढ़ में लाखों श्रद्घालु जमा हुए. जय सेवा, जय जय सेवा के जयकारों से पूरा कचारगढ़ परिसर गूंज उठा.
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते, सांसद अशोक नेते, सांसद सुनील मेंढे, विधायक देवराम होली, पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल, पूर्व विधायक संजय पुराम, जिला परिषद सदस्य हनमंत वट्टी, नाजुक कुंभरे, प्रकाश गेडाम, देवरी पंचायत समिति सभापति देवकी मरई, आदिवासी सेवक शंकर मडावी, भाजपा मंडल अध्यक्ष गुणवंत बिसेन, पूर्व सभापति उमेदलाल जैतवार आदि उपस्थित थे.

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