दुष्कर्म के मामले पर फिर आया गोंदिया न्यायालय का एक और फैसला, अपहरण कर दुष्कर्म करने पर आरोपी को 3 साल की कठोर सजा

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पीड़िता को न्याय दिलाने सरकारी वकील एड कृष्णा पारधी ने पेश किए थे 8 गवाह..

प्रतिनिधि। 10 जनवरी
गोंदिया। बैंक से कर्ज दिलाने का लाभ देने व पीड़िता के साथ नजदीकी कायम कर उसका अपहरण कर उसके साथ लैगिंक अत्याचार करने के मामले पर आज गोंदिया न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को 3 साल की कठोर सजा व 600 रुपये दंड की सजा सुनाई।

गौरतलब है कि गोंदिया न्यायालय में इस माह का ये चौथा महत्वपूर्ण फैसला है जब प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश श्री एस.ए. ए.आर. औटी ने इन मामलो पर अपना अंतिम फैसला सुनाकर आरोपी को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके पूर्व 10 जनवरी 2022 को मा. न्यायालय ने फैसला सुनाकर आरोपी को 20 साल की मरते दम तक की कठोर सजा सुनाई थी, अब इस मामले पर आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई है।

विशेष है कि पीड़िता की तरफ से चारो मामलों पर पैरवी विशेष सरकारी वकील एड. कृष्णा डी. पारधी ने की। आज 17 जनवरी को आये न्यायालय के फैसले के इस प्रकरण में सरकारी वकील कृष्णा डी पारधी ने न्यायालय के समक्ष कुल 8 गवाह प्रस्तुत किये। प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश श्री एस ए. ए. आर. औटी गोंदिया ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सरकारी वकील की ओर से प्रस्तुत गवाहों व सबूतों को ग्राहय मानते हुए आरोपी प्रकाश टेकचंद उपवंशी उम्र 30 साल निवासी कलमना, दुर्गा चौक नागपुर को धारा 363, 366 (अ) व बाल लैंगिक अत्याचार प्रतिबंधक कानून 2012 की धारा 8 अंतर्गत दोषी मानते हुए 3 साल की कठोर सजा सुनाई। साथ ही 600 रुपये का दंड, दंड न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा सुनाई।

ये था पूरा प्रकरण..

आरोपी प्रकाश टेकचंद उपवंशी लोगो को दुग्ध जानवर के लिए बैंक से कर्ज दिलाकर देता हूँ बोलकर फॉर्म भरा और इसका फायदा उठाकर आरोपी ने फिर्यादि व पीड़िता से नजदीकी कायम की। आरोपी ने फिर्यादि से सबंधो का फायदा उठाकर 30 अप्रैल 2015 को पीड़िता ये अपनी बहन कर साथ तिरोडा बाजार करने जा रही थी तब आरोपी ने उसे अपने गाड़ी में बैठाया और पीड़िता को देवहाड़ा तहसील तुमसर, खापा और नागपुर लेकर गया एवं वहां उसके साथ लैंगिक अत्याचार किया।

उक्त मामले पर पीड़िता के पिता ने अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को पीड़िता के साथ खापा से पकड़ा एव आरोपी के खिलाफ दवनिवाड़ा थाने में धारा 363 भादवि के तहत मामला दर्ज किया।

इस मामले पर शिकायत के आधार पर तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक डीजी बाकारे व एन बी सावंत ने जांच कर आरोपी के खिलाफ 363, 376 (2)(एन) भादवि व धारा 6 बाललैंगिक अत्याचार प्रतिबंध कानून 2012 अंतर्गत अपराध दर्ज कर न्यायालय में दोषारोप पत्र दाखिल किया।

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