गोंदिया: रामघाट में शेर का शिकार, मृत टाइगर के शरीर से दांत और मूछें गायब..खोजी कुत्ते की टीम जुटी आरोपियों की तलाश में

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कल सुबह होंगा पोस्टमार्टम, शव की सुरक्षा को लेकर कड़ा बंदोबस्त..

प्रतिनिधि।
गोंदिया – जिले में टाइगर का शिकार करने की बड़ी सनसनी खेज खबर सामने आयी हैं। ये वारदात जिले के अर्जुनी मोरगाँव तहसील के अर्जुनी मोरगाव वनपरिक्षेत्र अंतर्गत रामघाट क्रमांक 1 बीट कक्ष क्रमांक 254 बी में सुबह के दौरान पेट्रोलिंग के दौरान सामने आयी। टाइगर के शिकार को लेकर वनविभाग का अमला सख्ते में आ गया है।
 इस घटना की जानकारी वरिष्ठों को मिलते ही आर. एम रामानुजम, वन संरक्षक और क्षेत्र निदेशक, नवेगांव नागजीरा टाइगर रिजर्व गोंदिया, कुलराज सिंह, वन संरक्षक, गोंदिया वन विभाग, आर.आर. सदगीर, सहायक वन संरक्षक (तेंदु व कैम्प), गोंदिया से मुकुंद धुर्वे, मानद वन्यजीव रक्षक
और प्रतिनिधि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली, सावन बाहेकर, मानद वन्यजीव रक्षक गोंदिया जिला व मुख्य वन्यजीव रक्षक महाराष्ट्र राज्य के साथ प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का दौरा किया।
 घटना स्थल पर गोंदिया वन विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। मौके पर मृत बाघ के शव का निरीक्षण करने के दौरान करीब 2 दिन पहले बाघ के शिकार की घटना सामने आयी। बाघ के दो दांत और कुछ मूंछें गायब मिलीं। मृत बाघ एक नर प्रजाति का है, उसकी आयु लगभग 5 वर्ष तक की है। अनुमानित तौर पर प्रथम जांच में बाघ की मौत बिजली का करंट लगने से होने की बात सामने आयी।
पशुधन विकास अधिकारी घटना स्थल पर शाम 4.30 बजे पहुँचे, लेकिन सर्दियों के शुरुआती दिनों में सूर्यास्त जल्द होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया कल 14 जनवरी 2022 को सुबह की जायेगी। फिलहाल बाघ के शव की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
मृत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा जारी नियमों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बाघ की मौत के बारे में और जानकारी सामने आएगी। बाघ शिकार के इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। गोंदिया वन विभाग के खोजी कुत्ते की मदद से गोंदिया के उप वन संरक्षक श्री कुलराज सिंह के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश और अपराध के सभी पहलुओं की तलाश शुरू कर दी गयी है।

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