धान खरीदी केंद्र को मंजूरी, लेकिन शुरू करने के नहीं पहुंचे आदेश

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प्रतिनिधि।

गोंदिया। ग्रीष्मकाल धान खरीदी करने हेतु प्रशासन ने खरीदी केंद्रों को मंजूरी तो दे दी है, लेकिन खरीदी करने के आदेश नहीं देने के कारण किसानों का धान खेत में ही पड़ा हुआ है। जिससे किसानों में तीव्र असंतोष निर्माण होकर यदि इसी तरह की स्थिती बनी रही तो हाथ में आई धान की फसल बेमौसम बारिश से नष्ट हो जाएगी।
बता दें कि ग्रीष्मकालीन धान की फसल किसानों द्वारा हजारों हेक्टेयर पर लगाई गई है। जिला मार्केटिंग फेडरेशन की ओर से समर्थन मुल्य पर धान की खरीदी की जाती है। १ मई से किसानों का धान खरीदी करने के लिए धान खरीदी केंद्रों को मंजूरी देकर किसानों के सातबारा ऑनलाईन करने के आदेश भी दे दिए गए है। ऑनलाईन करने की प्रक्रिया ३० अप्रैल तक बताई गई थी। लेकिन सभी किसानों के ऑनलाईन सातबारा की प्रक्रिया पुरी नहीं हो पाई और ३० अप्रैल के बाद ऑनलाईन प्रक्रिया को बंद कर दिया गया। किसानों ने धान की कटाई कर धान को खेत में ही रख दिया है। किसानों का कहना है कि धान खरीदी केंद्र शुरू नहीं होने के कारण ग्रीष्मकालीन धान कहा बेचा जाए। अब तो बेमौसम बारिश भी शुरू हुई है, गत दो दिनों से जिले के अनेक स्थानों पर झमाझम बारिश होने से धान का दर्जा खराब हो रहा है। यदि धान खरीदी केंद्र शुरू करने के आदेश मिल जाते तो अभी तक लाखों क्विंटल धान किसानों द्वारा बेचा गया होता। शासन ही दलालों को धान बेचने पर मजबूर कर रही है। इस तरह का आरोप भी अब किसानों द्वारा लगाया जा रहा है।

मंजूरी मिली लेकिन आदेश नहीं…

धान खरीदी केंद्र शुरू करने की मंजूरी प्रशासन द्वारा दी गई है। लेकिन धान खरीदने के आदेश अब तक नहीं पहुंचे है। जबकि किसानों ने धान काटकर खेत तथा घर के आंगनों में ढेर बनाकर रखे है। ऐसे में बेमौसम बारिश हो जाने से धान का दर्जे को नुकसान पहुंचेगा। इसलिए तत्काल धान खरीदी करने के आदेश देकर खरीफ फसल धान से भरे गोदामों से धान की मिलिंग शुरू करें, ताकि गोदाम पुरी तरह से खाली हो जाए।
– यु. टी. बिसेन, संचालक विकास अभिनव सहकारी संस्था, मोहाड़ी

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