ग्राहक पंचायत महाराष्ट्र की मांग- राज्य सरकार कोविड मरीजों के इलाज के लिए एक स्वतंत्र प्रणाली स्थापित करें

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महात्मा फुले जनआरोग्य योजनातंर्गत निःशुल्क कोविड इलाज में अभी भी लूट जारी..

प्रतिनिधि।
गोंदिया। ग्राहक पंचायत महाराष्ट्र द्वारा राज्य सरकार को कोविड -19 रोगियों के उपचार के लिए एक अलग
स्वतंत्र प्रणाली स्थापित करने की मांग स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे से की थी, ताकि कोरोना के मरीजों की जारी लूट को इस यंत्रणा के माध्यम से देखरेख कर रोका जा सके। परंतु सरकार द्वारा ग्राहक पंचायत महाराष्ट्र द्वारा दिये गए निवेदन पर ध्यान केंद्रित नही किये जाने से अभी भी कोविड के मरीजों से भारी भरकम बिल वसूलें जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही है।

    गौरतलब है कि राज्य सरकार ने घोषणा की है कि राज्य के सभी निवासियों को महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के तहत मुफ्त कोविड -19 उपचार प्रदान किया जाएगा। इस पर ग्राहक पंचायत महाराष्ट्र ने सरकार को निवेदन कर इसकी निगरानी हेतु एक स्वतंत्र प्रणाली के स्थापन करने की मांग की थी।

ग्राहक पंचायत महाराष्ट्र, विदर्भ प्रांत अध्यक्ष श्यामकांत पात्रीकर, विदर्भ संगठक डॉ. कल्पना उपाध्याय, सचिव लीलाधर लोहरे ने शिकायत में यह भी कहा था कि अस्पतालों द्वारा मरीजों को भारी बिल थमाकर उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। स्थिति हाथ से बाहर हो रही है क्योंकि मरीजो को न्याय नहीं मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं।

बता दे कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा 23 मई 2020 को लिए गए निर्णय के अनुसार, राज्य के सभी निवासियों को मुफ्त कोविड -19 उपचार प्रदान किया जाएगा। उपचार का खर्च महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना से कोविड -19 के उपचार के लिए सभी निवासियों को लाभ होगा। रोगी का आधार कार्ड, राशन कार्ड आवश्यक है। इस योजना अंतर्गत चयनित अस्पताल निजी हो या सरकारी, पोषण आहार के साथ आईसीयू से लेकर मामूली जांच तक कुछ भी भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।

ग्राहक पंचायत महाराष्ट्र के गोंदिया जिलाध्यक्ष दुर्गेश्वर रहांगडाले, संगठक राजेश कनोजिया, सचिव आदेश शर्मा, महिला संगठक शीतल रहांगडाले, उपाध्याय सोमवंशी, कोषाध्यक्ष जयरामसिंह जतपेले, गोविंद शर्मा, अधिवक्ता आनंद दुबे, अधिवक्ता अर्चना नंदघाले, वर्षा बडगुजर, राजेश्वर कनोजिया, ऋषिकेश, पांढरी पांडे, विशाल रहांगडाले आदि ने मांग की है कि कोरोना संक्रमण फिर लौटकर वापस आ रहा है। ऐसे में रोगियों का इलाज सरकार की योजना अंतर्गत मुफ्त में पारदर्शिता के साथ होना चाहिए।

उन्होंने कहा, अगर कोई अस्पताल रोगियों की लूट करता है तो वो आयोग के पास शिकायत कर पैसे वापसी की मांग कर सकता है। साथ ही स्वतंत्र यंत्रणा के माध्यम से जांच में दोषी पाए जाने पर सजा भी हो।

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