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गोंदिया। गोंदिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरिहरभाई मणिभाई पटेल का बुधवार, 4 नवंबर 2026 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बढ़ती उम्र और अस्वस्थता के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से गोंदिया सहित पूरे विदर्भ के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
विदर्भ की राजनीति में बड़ा कद और प्रभाव
हरिहरभाई पटेल विदर्भ की राजनीति के एक मजबूत और निष्ठावान स्तंभ माने जाते थे। वर्ष 1990 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्होंने गोंदिया सीट से कांग्रेस के टिकट पर शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी उन्होंने कड़े मुकाबले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। एक साधारण और सुलभ राजनेता के रूप में उनका राजनीतिक कद बेहद ऊंचा था, जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर वर्ग का सम्मान हासिल किया।
हरिहरभाई पटेल विदर्भ की राजनीति के एक मजबूत और निष्ठावान स्तंभ माने जाते थे। वर्ष 1990 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उन्होंने गोंदिया सीट से कांग्रेस के टिकट पर शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी उन्होंने कड़े मुकाबले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। एक साधारण और सुलभ राजनेता के रूप में उनका राजनीतिक कद बेहद ऊंचा था, जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर वर्ग का सम्मान हासिल किया।
गुजराती समाज के गौरव और मार्गदर्शक
गोंदिया और विदर्भ क्षेत्र में बसे गुजराती समाज में हरिहरभाई पटेल की गहरी प्रतिष्ठा थी। वे समाज के अग्रणी मार्गदर्शक और संरक्षक थे। समाज के विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों को उनका निरंतर सहयोग मिलता रहता था। अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए उन्होंने गुजराती समाज को स्थानीय स्तर पर एकजुट करने और अन्य समुदायों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई।
गोंदिया और विदर्भ क्षेत्र में बसे गुजराती समाज में हरिहरभाई पटेल की गहरी प्रतिष्ठा थी। वे समाज के अग्रणी मार्गदर्शक और संरक्षक थे। समाज के विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों को उनका निरंतर सहयोग मिलता रहता था। अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए उन्होंने गुजराती समाज को स्थानीय स्तर पर एकजुट करने और अन्य समुदायों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल के साथ राजनीतिक जुड़ाव
राजनीतिक गलियारों में हरिहरभाई पटेल का क्षेत्र के कद्दावर नेता, पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री व वर्तमान सांसद प्रफुल्ल पटेल के साथ भी एक लंबा और सौहार्दपूर्ण सफर रहा। प्रफुल्ल पटेल के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के राजनीतिक कार्यक्रमों व स्थानीय सांगठनिक फैसलों के दौरान हरिहरभाई हमेशा एक मार्गदर्शक और अभिभावक के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहे। प्रफुल्ल पटेल ने भी हमेशा हरिहरभाई के लंबे राजनीतिक अनुभव का सम्मान किया और क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने में उनकी सलाह को प्राथमिकता दी।
गोंदिया और महाराष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान
एक विधायक और जनप्रतिनिधि के रूप में हरिहरभाई पटेल ने गोंदिया के बुनियादी ढांचे, पेयजल योजनाओं और ग्रामीण विकास के लिए अथक प्रयास किए। इसके साथ ही, महाराष्ट्र विधानसभा में उन्होंने हमेशा विदर्भ के किसानों, वंचितों और स्थानीय उद्योगों के मुद्दों को पूरी प्रमुखता से उठाया। राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। गोंदिया में शिक्षा के प्रसार के लिए उन्होंने कई शैक्षणिक संस्थानों के संचालन में मदद की, जिसमें श्रीमती इंदिराबेन हरिहरभाई पटेल प्राथमिक शाला जैसे संस्थान आज भी बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।
92 वर्ष की आयु में विदाई: एक युग का अंत
92 वर्ष की दीर्घायु में उनके निधन को गोंदिया और महाराष्ट्र की राजनीति के एक सुनहरे युग का अंत माना जा रहा है। उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा। विभिन्न राजनेताओं और सामाजिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हरिहरभाई पटेल का जाना गोंदिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है।
