गणेशोत्सव की समृद्ध परंपरा को विश्व पटल पर पहुंचाने की पहल
गोंदिया, 17 सितंबर। महाराष्ट्र के गणेशोत्सव को समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा विरासत में मिली है। इसी गौरवशाली परंपरा को देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा गणेशोत्सव को ‘राज्य महोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस पहल के तहत इस वर्ष ‘बाप्पा.ओआरजी’ नामक संकेतस्थल विकसित किया गया है। इस मंच के माध्यम से नागरिक और गणेश मंडल अपने गणराय की स्थापना, इतिहास, परंपरा, सजावट, आरास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक उपक्रमों सहित उत्सव की विशेषताओं की जानकारी साझा कर सकते हैं। इसके जरिए महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की विविधता और स्थानीय परंपराओं को वैश्विक पटल पर पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
![]()
विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने नागरिकों और गणेश मंडलों से अपील की कि वे ‘बाप्पा.ओआरजी’ पर अपने गणराय की विशेषताओं और उत्सव से जुड़ी जानकारी दर्ज करें तथा महाराष्ट्र की समृद्ध गणेशोत्सव परंपरा को दुनिया के सामने लाने में सहभागी बनें। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित विभिन्न महत्वपूर्ण बैठकों के दौरान जिला सूचना कार्यालय की ओर से गणेशोत्सव जनजागृति के लिए जिले के प्रमुख स्थानों पर लगाए जाने वाले शासन के आवाहनपत्रक विभागीय आयुक्त बिदरी को प्रदान किए गए। इसी अवसर पर उन्होंने ‘बाप्पा.ओआरजी’ के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों और गणेश मंडलों से जुड़ने का आह्वान किया।
विभागीय आयुक्त बिदरी ने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान और लोकपरंपरा का अभिन्न हिस्सा है। सार्वजनिक एवं घरेलू गणेश मंडल अपने गणराय के इतिहास, स्थापना की परंपरा, आकर्षक सजावट, आरास, सामाजिक संदेश देने वाले देखावे तथा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी इस संकेतस्थल पर दर्ज करें।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के माध्यम से महाराष्ट्र के अलग-अलग क्षेत्रों में संरक्षित कला, संस्कृति, लोकपरंपराएं, सामाजिक उपक्रम और गणराय की भक्ति के विविध स्वरूपों को दुनिया के सामने लाने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। नागरिकों तथा गणेश मंडलों की व्यापक सहभागिता से महाराष्ट्र के गणेशोत्सव की समृद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने सभी से बड़ी संख्या में सहभागी होकर अपने गणराय की विशिष्ट जानकारी ‘बाप्पा.ओआरजी’ पर उपलब्ध कराने की अपील की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी मंदार पत्की, अतिरिक्त जिलाधिकारी अभिजीत घोरपडे, निवासी उपजिलाधिकारी भैय्यासाहेब बेहरे, उपजिलाधिकारी सामान्य प्रशासन मानसी पाटील, उपविभागीय अधिकारी चंद्रकांत खंडाईत, जिला सूचना अधिकारी अंजू कांबळे निमसरकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
