अर्जुनी मोरगाँव: महायुति के दो दलों, भाजपा, एनसीपी में सीट के लिए रस्सीखेंच..

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पूर्व मंत्री राजकुमार बडोले का जनसंपर्क बड़ा, विधायक चन्द्रिकापुरे भी कर रहे गाँव-गाँव दौरा.. 

ज़ावेद खान।
गोंदिया। आगामी अक्टूबर माह में होने जा रहे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर अब राजनीति गर्मा गई है। अपने अपने क्षेत्र में राजनीतिक पार्टियों के वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक, स्थानीय नेता पुनः चुनाव में उतरने जन संपर्क अभियान में सक्रिय हो गए है।
गोंदिया जिले में वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को चार सीटों में मात्र एक सीट ही प्राप्त हुई थी। जबकि 1 कांग्रेस, 1 एनसीपी और 1 निर्दलीय जीते थे। 2019 के पूर्व भाजपा के पास आमगांव-देवरी, अर्जुनी मोरगाँव, तिरोडा-गोरेगाँव ऐसी तीन सीट थी। वही गोंदिया सीट कांग्रेस ने बरकरार रखने में सफलता हासिल की थी।
भाजपा के जिन जनप्रतिनिधियों ने वर्ष 2019 में अपनी सीट गवां दी, वे फिर चुनावी मैदान में उतरने तैयार है। हालांकि महायुति में शामिल भाजपा, एनसीपी अजित पवार एवं शिवसेना शिंदे एक ही सीट पर अपना अपना दावा ठोंक रहे है।
अर्जुनी मोरगाँव विधानसभा सीट को लेकर भाजपा और एनसीपी में रस्सीखेंच शुरू है। कुछ दिनों पूर्व इस सीट से वर्ष 2019 में मात्र कुछ वोटों से चुनाव हराने वाले पूर्व केबिनेट मंत्री राजकुमार बडोले चुनाव लड़ने का दावा ठोंक चुके हैं। बडोले का कहना है कि ये सीट भाजपा की सीट रही है। यहां भाजपा ने दो बार जीत दर्ज की है। 2019 के चुनाव में मात्र कुछ वोटों से पराजय मिलना भाजपा की हार नही है। हम इस सीट पर अपना दावा नहीं छोड़ेंगे।
वर्तमान अजित पवार, प्रफ़ुल्ल पटेल एनसीपी से विधायक मनोहर चन्द्रिकापुरे भी अपने जनसंपर्क में लगे हुए है। उनका कहना है कि ये सीट वर्तमान में हमारी है इसलिए महायुति में हमारा दावा पहले है। इस तरह एक सीट के लिए महायुति के दो दल, भाजपा और एनसीपी में रस्सीखेंच शुरू है।
अर्जुनी मोरगाँव विधानसभा सीट को लेकर इंडिया गठबंधन में शरद पवार की एनसीपी भी अपना दावा ठोक रही है। हाल में एनसीपी के कुछ पदाधिकारियों ने मुंबई में एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। उन्हें पार्टी नेताओं ने काम पर लगने के निर्देश भी दिए है।
यानी अर्जुनी मोरगाँव सीट के लिए एक तरफ भाजपा, महायुति में प्रफुल्ल पटेल की एनसीपी से अपना दावा छोड़ने कह रही है वही इंडिया गठबंधन में शरद पवार की एनसीपी कांग्रेस को अपना दावा छोड़ने कह रही। अब इस सीट पर महायुति और इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेता कैसे हैंडल करते है ये तो वक्त ही बताएगा।

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