533 Views नागपूर. गेल्या एका वर्षात महायुती सरकारने शेतकरीच नव्हे तर सामान्य जनतेसाठी अभूतपूर्व योजना आणून दिलासा देण्याचे काम केले. महायुतीचे सरकार दूरदृष्टीचे असून प्रामाणिक काम करीत आहे. सरकारवरील टिकेला कुठेही स्थान नाही. परंतु राज्यातील जनतेने काहीच काम दिले नाही. त्यामुळे विरोधक टिका करीत असल्याचा टोला आमदार डॉ. परिणय फुके यांनी लगावला. विरोधकांची एकूण स्थितीच गोंधळलेली, भरकटलेली आहे, अशी पुस्तीही त्यांनी जोडली. एका वर्षातील कार्यकाळातील माहिती देताना शेवटी त्यांनी ‘अभी तो नापी है मुठ्ठीभर जमीन हमने, अभी तो आसमा बाकी है…या शायरीतून जनतेच्या कल्याणाच्या सरकारच्या पुढील योजनांचे सुतोवाच केले. आमदार…
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गोंदिया: जल्लाद माँ का क्रूर कृत्य, अपनी ही औलाद को नदी में फेंककर ली जान..
3,090 Views प्रतिनिधि। 19 नवंबर गोंदिया। जिले में एक दिल दहला देने वाली, पूरे समाज को शर्मसार करने वाली हृदय विदारक क्रूर घटना घटित हुई है। एक जल्लाद माँ ने अपने 20 दिन के दुधमुंहे बच्चे को सिर्फ इसलिए मार डाला क्यूंकि वो उसके बाहर नौकरी में आने जाने का कांटा बन रहा था। इस क्रूर माँ ने अपने 20 दिन के दुधमुंहे बेटे को अपने ही हाथों से नदी में फेंककर उसकी हत्या कर दी। ये घटना 17 नवंबर की रात गोंदिया तहसील के रावनवाड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम…
Read Moreशहर के सिंहासन का कौन होगा “सरताज़.?”
2,639 Views जाहिद (जावेद) खान। गोंदिया। आज 17 नवंबर को नगर परिषद चुनाव उम्मीदवारी नामांकन के आखरी दिन शहर में राजनीतिक पार्टियों का सैलाब उमड़ पड़ा। कांग्रेस, भाजपा, राकांपा, शिवसेना, बसपा, आप ने शक्ति प्रदर्शन का हुजूम दिखाकर खुद को बेहतर साबित करने की कोशिश की। सड़कों पर महिला, पुरुष और युवाओं की फौज से शहर में राजनीतिक पर्व का अहसास हो रहा था। कांग्रेस ने नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए पूर्व नगराध्यक्ष स्व.गोविंदभाऊ शेंडे के पुत्र एवं पूर्व सभापति सचिन शेंडे को प्रत्याशी बनाया, वहीं भाजपा ने पूर्व नगराध्यक्ष…
Read Moreगोंदिया नप चुनाव: पार्टियों के रेड सिग्नल की आशंका से टिकट के लिए दलबदलुओं का दौर..
815 Views प्रतिनिधि। 11 नवंबर गोंदिया। 2 दिसंबर 2025 को होने जा रहे नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में अच्छी खासी इनपुट- ऑउट होती नजर आ रही है। गौरतलब यह है कि नगर परिषद का चुनाव 9 साल बाद होने जा रहा है, ऐसे में पार्टियों के लिए पिछले 9 सालों से मेहनत कर रहें शहरी नेता पाव तले जमीन खिसकती देख दलबदलुओं की भूमिका में नजर आ रहे है। ऐसे में जनता ये कहने से जरा भी नही चूक रही कि, ये विचारधारा पर नहीं खुद के…
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