GONDIA: मिलावट पर FDA का शिकंजा, दो ठिकानों पर कार्रवाई

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शिवसागर डेयरी दासगाव और वैशाली राजपुरोहित स्वीट्स के लाइसेंस सस्पेंड

गोंदिया, 18 सितंबर। दूध व दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट तथा खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ गोंदिया में प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए दो अलग-अलग कार्रवाई की। जिला दूध मिलावट प्रतिबंधक समिति ने दासगांव स्थित शिवसागर डेयरी पर छापा मारकर संदिग्ध दुग्धजन्य पदार्थ नष्ट किए और प्रतिष्ठान बंद कराया, जबकि अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने गोंदिया शहर के वैशाली राजपुरोहित स्वीट्स का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

दासगांव में अपर जिलाधिकारी एवं समिति अध्यक्ष अभिजित घोरपड़े के नेतृत्व में FDA, दुग्ध व्यवसाय विकास, वैधमापन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने सुबह 7 बजे छापा मारा। डेयरी में भारी गंदगी, एक्सपायर्ड FSSAI लाइसेंस और खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड नहीं मिला। यहां 18 किलो पनीर, 90 किलो दही, 20 किलो दूध, 17 किलो क्रीम, 15 किलो छाछ और 2 किलो खोवा तथा अज्ञात केमिकल मिला। पनीर, दही, क्रीम व केमिकल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि संदिग्ध सामग्री नष्ट की गई। वजन कांटों का सत्यापन नहीं कराने पर वैधमापन विभाग ने मामला दर्ज कर कांटा जब्त किया।

इसी बीच 16 सितंबर को FDA के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओं. दे. लांजेवार ने दुर्गा मंदिर के पास, वाजपेयी वार्ड स्थित वैशाली राजपुरोहित स्वीट्स की FoSCoS के माध्यम से जांच की। जांच में मानक से अधिक कृत्रिम खाद्य रंग के इस्तेमाल का संदेह पाए जाने पर 49 किलो मोतीचूर लड्डू नष्ट किए गए। प्रतिष्ठान में मक्खियों व मच्छरों का प्रकोप, तलने के तेल में दो मृत मक्खियां, खुले में रखा पका भोजन तथा जंग लगे और गंदे भंडारण कपाट मिले। यहां 15 किलो खोवा, 5 किलो कलाकंद और 8 किलो रसगुल्ले तैयार थे, लेकिन दूध खरीद की कोई बिल अथवा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया।

जांच में कर्मचारियों के लिए हाथ धोने की सुविधा नहीं होना, खाद्य पदार्थ संभालते समय तंबाकू चबाना और कर्मचारियों की मेडिकल जांच नहीं कराना जैसी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। इन परिस्थितियों को देखते हुए सहायक आयुक्त (अन्न) अमृता शिर्के ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 तथा संबंधित विनियमों के तहत प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस 18 सितंबर से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में व्यवसाय और बिक्री पर रोक रहेगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमित व अचानक जांच जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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