गोंदिया: मजदूर की दर्दनाक मौत पर अंततः नागरिकों का गुस्सा फूटा, कहा- ये गटार नही, डकार योजना है..

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प्रतिनिधि।
गोंदिया। शुरुवात से ही लापरवाही, अकर्मण्यता, भ्रष्टाचार में लिप्त शहर की करोडों रुपयों की भूमिगत गटार योजना पर अब शहर के नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। शहर के सिविल लाइन मामा चौक समीप चल रहे इस भूमिगत गटर योजना के खुदाई कार्य के दौरान आज 13 मार्च को एक मजदूर की मिट्टी के भूस्खलन में बुरी तरह दबने से दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक मजदूर का नाम सुरेश नेवारे (उम्र 40 वर्ष निवासी गोविंदपूर गोंदिया) बताया जा रहा है। आज सुबह के दौरान काम करते समय गटार योजना की 12 फिट नाली में मिट्टी के भूस्खलन होने से दबकर दर्दनाक मौत हो गई।
मजदूर को बड़ी मशक्कत के साथ अग्निशमन विभाग की टीम, स्थानीय नागरिकों ने बाहर निकाला। खबर है कि घटनास्थल पर ही मजदूर की मौत हो गई थी। परिजनों ने एवं स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर कार्य मे बरती जा रही कोताही पर संतप्त होकर सम्बंधित अधिकारियों, ठेकेदार एजेंसी पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की मांग की। नागरिकों ने मृतक मजदूर के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा व अंतिम संस्कार के सहयोग की मांग की।
खबर है कि इस कार्य को देखने वाली ठेका एजंसी ने मृतक को उचित मुआवजा देने व मृतक के अंतिम संस्कार हेतु सहयोग करने की परिजनों से चर्चा की है। जिसके पश्चात शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला शासकीय अस्पताल ले जाया गया।
गौरतलब है कि शहर के दक्षिणी हिस्से में जारी भूमीगत गटार योजना के कार्यो को लेकर शुरू से ही आवाज उठती रही है। सड़को के बीच खोदे गए गड्डों पर ढलाई सही नही होने, बेस न होने, कांक्रीट सही नही भरने, काम के दौरान एहतियात न बरतने आदि में हुई लापरवाही से अनेक लोग इन भरे गए गड्ढो के शिकार होकर दुर्घटना ग्रस्त हुए। अनेक वाहन भी इनमें धंसे है। इसकी शिकायत नीचे से ऊपर तक कि गई बावजुद नागरिकों की जानमाल को लेकर कोई कार्रवाई नही हुई।
अब इस घटना के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, जनप्रतिनिधि क्या एक्शन लेते है ये देखना बाकी है। बहरहाल इस योजना को नागरिक गटार योजना नही, डकार योजना कह रहे है।

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