चिचगड़/कोटजांभुरा हत्याकांड: 24 घंटों में पुलिस की गिरफ्त में आये 3 आरोपी

1,166 Views

सगे भाई ने ही साजिश के तहत दो मित्रो के साथ मिलकर की थी भाई की हत्या..
रिपोर्टर।
गोंदिया। चिचगड़ के कोटजांभुरा परिसर में एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर उसकी लाश फेंककर फरार आरोपियों को पुलिस ने अपनी सूझबूझ और यंत्रणा का उपयोग कर हत्यारों को 24 घण्टो में पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। आज 29 सितंबर को चिचगड़ पुलिस ने देवरी न्यायालय में 3 आरोपियों को पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड में लिया है।
इस अनसुलझे हत्याकांड को पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे, अपर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी के मार्गदर्शन में एवं एसडीपीओ आमगांव, प्रभारी देवरी जालिंद्र नालकुल के नेतृत्व में चिचगड़ पुलिस, स्थानीय अपराध शाखा गोंदिया, एव सालेकसा पुलिस की तीन पथको ने 24 घण्टो में इस हत्या की गुत्थी को सुलझाने में सफलता प्राप्त की।
गौरतलब है कि ये घटना 27 सितंबर को देवरी तहसील के चिचगड़ थाना हद में कोटजांभुरा-नवेगांवबांध रोड से 100 मीटर अंदर जंगल परिसर में घटी थी। एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर उसे यही फेंककर अज्ञात आरोपी फरार हो गए थे। लाश मिलने की जानकारी कोटजांभुरा के पुलिस पटेल, फिर्यादि उमेश कुंवरलाल दुधनाग द्वारा चिचगड़ पुलिस दी गई थी। चिचगड़ थाने के निरीक्षक सपुनि अतुल तवाड़े ने घटनास्थल पर जाकर लाश का मुआयना किया। मृतक के सिर के पीछे और गले पर वारकर हत्या की गई ऐसा दिखाई दिया। लाश की शिनाख्त नही हो पाई।
    मृतक की शिनाख्त नही होने पर पुलिस अधीक्षक विश्व पानसरे, अपर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी ने उपविभागीय पुलिस अधिकारी आमगांव, चार्ज देवरी जालिंद्र नालकुल के नेतृत्व में गोंदिया स्थानीय अपराध शाखा, चिचगड़ पुलिस एवं सालेकसा पुलिस की तीन पथक तैयार कर लाश, उसकी हत्या और हत्यारो की तफ्तीश करने त्वरित जांच शुरू की। आसपास में पूछने पर लाश की कोई शिनाख्त नहीं हुई। पुलिस टीम के सामने ये प्रकरण एक अनसुलझा हत्याकांड था। तभी एक जानकारी मिली कि मृतक हरदोली तालुका देवरी का निवासी है। पुलिस को जानकारी मिलते ही वो हरदोली पहुँची। वहां पूछने पर पता चला कि मृतक का नाम सोमेश्वर उमराज पटले उम्र 22 वर्ष है। पुलिस ने बारीकी से पूछताछ की तो पता चला कि मृतक की उसके भाई थमेश्वर से नही पटती थी, और विवाद था।
    पुलिस टीम ने सबसे पूर्व संदिग्ध आरोपी हसन ईश्वरदास डोंगरे को उसके घर से पकड़ा। पूछताछ करने पर उसने इस हत्याकांड की पूरी कहानी बयान कर अपने जुर्म को कबूल किया। उसने बताया कि, थमेश्वर की मृतक के साथ लड़ाई थी। वो उससे तंग आ गया था। थमेश्वर उससे छुटकारा पाना चाहता था। थमेश्वर के बोलने पर ही मैंने मृतक सोमेश्वर को घर से बाहर बुलाया, शराब पिलाई और फिर मोटर साइकिल में बैठाकर चिचगड़ के कोटजांभुरा ले गया। उस दौरान उनके पीछे उसका भाई थमेश्वर पटले और मित्र शैलेश बागड़े 21 वर्ष निवासी सोनारटोली भी वहां आ गए। हम तीनों ने मिलकर सोमेश्वर के सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद पुलिस टीम ने मृतक के भाई आरोपी थमेश्वर और साथी शैलेश बागड़े को उनके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल किया।
इस मामले पर चिचगड़ पुलिस थाने में दर्ज भादवि की धारा 302 के तहत गिरफ्तार कर सभी आरोपियों को आज देवरी न्यायालय में पेश कर उन्हें तीन दिन की रिमांड में लिया गया।
इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक गोंदिया विश्व पानसरे, अपर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी, एसडीपीओ जालिंद्र नालकुल के मार्गदर्शन में चिचगड़ थाना निरीक्षक अतुल तवाड़े, स्थानीय अपराध पुलिस शाखा के सपुनि रमेश गर्जे, सालेकसा पुलिस थाने के पुलिस उपनि सनिल धनवे, तथा तीनों पथक के पुलिस कर्मी लिलेंद्र बैस, गोपाल कापगते, दीक्षित दमाहे, रवि जाधव, सुधाकर सहारे, दुर्गादास गंगापारी, कवलपालसिंग भाटिया, बिजेंद्र बैस, दीपक रहांगडाले, प्रशांत सोनी आदि में अथक प्रयास किया।

Related posts