विधायक विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में पहली बार संपन्न हुई खरीफ़ सीजन को लेकर समीक्षा बैठक

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खाद, बीज और क्रॉप लोन तत्काल मुहैया कराए – विधायक विनोद अग्रवाल की मांग

पारंपरिक खेती पर ध्यान देने विधायक अग्रवाल की किसानों से अपील

प्रतिनिधि। 1 मई

गोंदिया। आगामी खरीफ हंगाम की पूर्व तैयारी जानने हेतु विधायक विनोद अग्रवाल इनके अध्यक्षता में खरीप हंगाम समीक्षा बैठक का आयोजन पंचायत समिति गोंदिया में किया गया। इस समीक्षा बैठक में आगामी खरीफ हंगाम में किसानों को आवश्यक बीज, खाद , दवाई, बिजली की आपूर्ति, तथा सेंद्रिय खाद, रोग नियंत्रण, पानी की आपूर्ति एवं आवश्यक मार्गदर्शन की आपूर्ति ऐसे अनेक विषयों पर खुलकर चर्चा की गई। तालुका कृषी अधिकारी धनराज तुमडाम इन्होंने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कृषि विभाग के माध्यम से किए गए कार्यों का अहवाल एवं नियोजन के संबंध जानकारी सादर की।

गोंदिया जिले की पहचान चावल का जिला के रूप में होता है। गोंदिया जिले में सर्वाधिक धान की सिंचाई की जाती है। इसीलिए धान की उच्च प्रति की बीज, खाद एवं नए तंत्र की आवश्यकता होती है। साथ ही में बिजली एवं पानी की आपूर्ति समय-समय पर आवश्यक होती है। इसके माध्यम से ही किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। जिसके लिए महाराष्ट्र शासन एवं केंद्र शासन के माध्यम से विभिन्न योजनाएं कृषि विभाग के माध्यम से किसानों के लिए उपलब्ध कराई गई है। जिसका सर्वाधिक लाभ किसानों को पहुंचाने के लिए कृषि विभाग ने प्राथमिकता देनी चाहिए ऐसी भूमिका विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने सभा में रखी।

किसानों को सर्वाधिक आर्थिक मदद की जरूरत शुरुआत के दौर में ही होती है। जिस वजह से समय पर किसानों को क्रॉप लोन की आपूर्ति करना जरूरी होता है। समय पर क्रॉप लोन न मिलने से फसल की बुवाई में विलंब होने से कई फसलें पानी की अभाव से नष्ट होती है। और किसानों को आर्थिक नुकसान सहना पड़ता है इसीलिए क्रॉप लोन में अविलंब शुरू करने का निर्देश विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने बैंक अधिकारियों को दिए जिस पर उपस्थित अधिकारियों ने विधायक विनोद अग्रवाल इन्हें आने वाले 3 मई तक क्रॉप लोन की प्रक्रिया शुरू किए जाने का आश्वासन दिया।

हर साल खाद और बीजों की कमी जिले में देखी जाती है। जिस वजह से किसानों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आगामी खरीफ की फसलों में बीजों एवं खाद की आपूर्ति के लिए शुरुआत से ही आवश्यक मात्रा में मुहैया कराने संबंधी अधिकारियों को विधायक विनोद अग्रवाल उन्होंने निर्देश दिए। जिस पर धान की महाबीज की ओर से 5500 क्विंटल और प्राइवेट कंपनी को 5000 क्विंटल ऐसे कूल 10500 क्विंटल बीजों की मांग किए जाने की जानकारी संबंधित अधिकारियों ने दी। साथ ही में खाद की आपूर्ति हेतु 5500 मेट्रिक टन यूरिया और 16726 मेट्रिक टन अन्य खाद की मांग की गई है ऐसी भी जानकारी दी गई।

धान पर  सर्वाधिक मावा, तुड़तुड़ा, पतंगा जैसे बीमारी होती है।जिस पर रासायनिक उपाय से बेहतर जैविक उपाय ज्यादा कारीगर साबित होते हैं। जिसमें कामगंध ट्रैप, निंबोली अर्क, मेटारायजियम,  ट्राइकों कार्ड जैसे जैविक उपाय इस्तेमाल करने से ज्यादा बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। किसानों को रोग प्रतिबंध आसान हो इसीलिए समय-समय पर पत्रकार परिषद, प्रेस नोट, बैनर, पत्रक के माध्यम से किसानों को रोग नियंत्रण संबंधी जानकारी दी जानी चाहिए। ऐसे विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए ।

गोंदिया तालुका में सर्वाधिक रासायनिक खाद का इस्तेमाल किसानों द्वारा किया जाता है। शासन के निर्देशानुसार हर साल 10% से रासायनिक खादों का इस्तेमाल कम करना है। जिसके तहत किसानों को जैविक खाद का इस्तेमाल ज्यादा मात्रा में करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही में यूरिया ब्रिकेट का इस्तेमाल कर कम खाद में ज्यादा क्षेत्र की खाद की आपूर्ति करने का प्रयास भी कृषि विभाग के माध्यम से किया जाने वाला है। सॉइल टेस्टिंग कर जमीन की उपज की क्षमता को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार रसायनिक खाद का इस्तेमाल करने हेतु सूचना भी किसानों को दिए जाएगे। जिसके लिए हर ग्राम पंचायत स्तर पर उस गांव की जमीन की उपज क्षमता की जानकारी सूचना फलक के माध्यम से जाहिर की जाने वाली है। जमीन की आवश्यकता अनुसार खाद का इस्तेमाल हो, इस पर विशेष ध्यान रखा जाने वाला है। साथ ही में जमीन के ऊपज क्षमता बढ़ाने के लिए बोरु, ढेंचा और अझोला प्रजाति की कई का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए प्रयास किया जाने वाला है ऐसी जानकारी तालुका कृषी अधिकारी तूमडाम इन्होंने दी। जिसकी आपूर्ति हेतु 22 क्विंटल ढेंचा महाबीज की ओर मांग की गई है। साथ ही में अझोला को बड़े मात्रा में तैयार करने हेतु कृषि विद्यापीठको भी सूचना दी गई है।

धान के अलावा किसानों ने अन्य फसल भी लगानी चाहिए जिस लिए फल बाग खेती एवं सब्जी का उत्पाद जिले में बड़े पैमाने पर होना चाहिए गोंदिया तालुका में पैदावार होने वाले आम अत्यंत पोस्टिक एवं गुणवत्ता के होते है। जिसका निर्यात कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, ऐसा सुझाव विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने दिया। जिस पर जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कृषि विभाग के माध्यम से विविध योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए यह भी कहा कि आने वाले समय में फलो की उच्च प्रति के पौधे जिले में ही तैयार किए जाने वाले हैं। जिसका सीधा लाभ किसानों को होगा। एवं नासिक और नागपुर से पौधों की आयत बंद कर गोंदिया से ही पौधों की निर्यात किए जाने का भी प्रस्ताव किया गया है ऐसी जानकारी अधिकारियों ने दी।

साल में तीन फसल लेने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करें – विधायक विनोद अग्रवाल

गोंदिया तालुका में उपलब्ध सिंचन व्यवस्था का योग्य व्यवस्थापन एवं इस्तेमाल करने पर तालुका में खरीफ, रबी एंव जायद ऐसे तीनों फसलें उगा सकते हैं। जिसको प्रायोगिक तत्व पर तालुका के किसी भी चुनिंदा गांव में किसानों को तीनों फसलें लेने हेतु प्रोत्साहित करें। जिसका नतीजा तालुका के अन्य किसानों को जानकारी देकर संपूर्ण तालुका में साल में तीन फसल उगाने हेतु प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने रखा।  इस लिए रब्बी में धान व्यतिरिक्त तरबूज, खरबूज, लाखोरी, तूर, पोपट, जवस, उडीद, हरभरा, वाटणा, आदि फसल के साथ जायद में तील, करडई, मुग, उडीद चा समावेश कर किसानो कि आर्थिक स्थिती सुधारणा करने का प्रयास कर उनका आदर्श अन्य को देना चाहिए । जिसे सकारात्मक लेते हुए तालुका कृषी अधिकारी इन्होंने जल्द ही ऐसे किसी गांव को चुनकर वह साल में तीन फसलें उगाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही में उस गांव को आवश्यक बिजली एवं पानी की पूर्ति भी की जाएगी।इसके साथ उस गांव में कृषि सेवक, कृषि सहायक इनके माध्यम से समय-समय पर मार्गदर्शन भी किसानों को किया जाएगा। जिसके चलते यह संभव हो पाएगा ऐसे भी कृषि अधिकारी इन्होंने जानकारी दी।

 

इस बैठक में उपविभागीय कृषी अधिकारी पी. पाटिल, तालुका कृषि अधिकारी डी. एम. तुमडाम, कृषि विद्यापीठ के अधिष्ठाता डॉ. एम. एस. देशमुख, राजु माथुरकर, गोंदिया बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता अमोल जायसवाल, मनोज खोटेले, आर. के. कटरे, बाघ इटियाडोह उप विभागीय अभियंता वि. वि . निगम, महाबीज के प्रतिनिधि ए. एन. गावंडे, पी. व्ही. कलेवार, डब्लू टेम्भूर्ने आदि अधिकारी उपस्थित थे ।

#विधायक विनोद अग्रवाल इनकी अध्यक्षता मे पहिली बार संपन्न हुई खरीफ़ हंगाम समीक्षा बैठक

# खाद, बीजे और क्रॉप लोन तत्काल मुहैया कराए – विधायक विनोद अग्रवाल इनकी मांग

#जैविक खेती पर दे ध्यान – विधायक अग्रवाल

प्रतिनिधि / गोंदिया

आगामी खरीफ हंगाम की पूर्व तैयारी जानने हेतु विधायक विनोद अग्रवाल इनके अध्यक्षता में खरीप हंगाम समीक्षा बैठक का आयोजन पंचायत समिति गोंदिया में किया गया। इस समीक्षा बैठक में आगामी खरीफ हंगाम में किसानों को आवश्यक बीज, खाद , दवाई, बिजली की आपूर्ति, तथा सेंद्रिय खाद, रोग नियंत्रण, पानी की आपूर्ति एवं आवश्यक मार्गदर्शन की आपूर्ति ऐसे अनेक विषयों पर खुलकर चर्चा की गई। तालुका कृषी अधिकारी धनराज तुमडाम इन्होंने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कृषि विभाग के माध्यम से किए गए कार्यों का अहवाल एवं नियोजन के संबंध जानकारी सादर की।

गोंदिया जिले की पहचान चावल का जिला के रूप में होता है। गोंदिया जिले में सर्वाधिक धान की सिंचाई की जाती है। इसीलिए धान की उच्च प्रति की बीज, खाद एवं नए तंत्र की आवश्यकता होती है। साथ ही में बिजली एवं पानी की आपूर्ति समय-समय पर आवश्यक होती है। इसके माध्यम से ही किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। जिसके लिए महाराष्ट्र शासन एवं केंद्र शासन के माध्यम से विभिन्न योजनाएं कृषि विभाग के माध्यम से किसानों के लिए उपलब्ध कराई गई है। जिसका सर्वाधिक लाभ किसानों को पहुंचाने के लिए कृषि विभाग ने प्राथमिकता देनी चाहिए ऐसी भूमिका विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने सभा में रखी।

किसानों को सर्वाधिक आर्थिक मदद की जरूरत शुरुआत के दौर में ही होती है। जिस वजह से समय पर किसानों को क्रॉप लोन की आपूर्ति करना जरूरी होता है। समय पर क्रॉप लोन न मिलने से फसल की बुवाई में विलंब होने से कई फसलें पानी की अभाव से नष्ट होती है। और किसानों को आर्थिक नुकसान सहना पड़ता है इसीलिए क्रॉप लोन में अविलंब शुरू करने का निर्देश विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने बैंक अधिकारियों को दिए जिस पर उपस्थित अधिकारियों ने विधायक विनोद अग्रवाल इन्हें आने वाले 3 मई तक क्रॉप लोन की प्रक्रिया शुरू किए जाने का आश्वासन दिया।

हर साल खाद और बीजों की कमी जिले में देखी जाती है। जिस वजह से किसानों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आगामी खरीफ की फसलों में बीजों एवं खाद की आपूर्ति के लिए शुरुआत से ही आवश्यक मात्रा में मुहैया कराने संबंधी अधिकारियों को विधायक विनोद अग्रवाल उन्होंने निर्देश दिए। जिस पर धान की महाबीज की ओर से 5500 क्विंटल और प्राइवेट कंपनी को 5000 क्विंटल ऐसे कूल 10500 क्विंटल बीजों की मांग किए जाने की जानकारी संबंधित अधिकारियों ने दी। साथ ही में खाद की आपूर्ति हेतु 5500 मेट्रिक टन यूरिया और 16726 मेट्रिक टन अन्य खाद की मांग की गई है ऐसी भी जानकारी दी गई।

धान पर सर्वाधिक मावा, तुड़तुड़ा, पतंगा जैसे बीमारी होती है।जिस पर रासायनिक उपाय से बेहतर जैविक उपाय ज्यादा कारीगर साबित होते हैं। जिसमें कामगंध ट्रैप, निंबोली अर्क, मेटारायजियम, ट्राइकों कार्ड जैसे जैविक उपाय इस्तेमाल करने से ज्यादा बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। किसानों को रोग प्रतिबंध आसान हो इसीलिए समय-समय पर पत्रकार परिषद, प्रेस नोट, बैनर, पत्रक के माध्यम से किसानों को रोग नियंत्रण संबंधी जानकारी दी जानी चाहिए। ऐसे विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए ।

गोंदिया तालुका में सर्वाधिक रासायनिक खाद का इस्तेमाल किसानों द्वारा किया जाता है। शासन के निर्देशानुसार हर साल 10% से रासायनिक खादों का इस्तेमाल कम करना है। जिसके तहत किसानों को जैविक खाद का इस्तेमाल ज्यादा मात्रा में करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही में यूरिया ब्रिकेट का इस्तेमाल कर कम खाद में ज्यादा क्षेत्र की खाद की आपूर्ति करने का प्रयास भी कृषि विभाग के माध्यम से किया जाने वाला है। सॉइल टेस्टिंग कर जमीन की उपज की क्षमता को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार रसायनिक खाद का इस्तेमाल करने हेतु सूचना भी किसानों को दिए जाएगे। जिसके लिए हर ग्राम पंचायत स्तर पर उस गांव की जमीन की उपज क्षमता की जानकारी सूचना फलक के माध्यम से जाहिर की जाने वाली है। जमीन की आवश्यकता अनुसार खाद का इस्तेमाल हो, इस पर विशेष ध्यान रखा जाने वाला है। साथ ही में जमीन के ऊपज क्षमता बढ़ाने के लिए बोरु, ढेंचा और अझोला प्रजाति की कई का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए प्रयास किया जाने वाला है ऐसी जानकारी तालुका कृषी अधिकारी तूमडाम इन्होंने दी। जिसकी आपूर्ति हेतु 22 क्विंटल ढेंचा महाबीज की ओर मांग की गई है। साथ ही में अझोला को बड़े मात्रा में तैयार करने हेतु कृषि विद्यापीठको भी सूचना दी गई है।

धान के अलावा किसानों ने अन्य फसल भी लगानी चाहिए जिस लिए फल बाग खेती एवं सब्जी का उत्पाद जिले में बड़े पैमाने पर होना चाहिए गोंदिया तालुका में पैदावार होने वाले आम अत्यंत पोस्टिक एवं गुणवत्ता के होते है। जिसका निर्यात कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, ऐसा सुझाव विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने दिया। जिस पर जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कृषि विभाग के माध्यम से विविध योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए यह भी कहा कि आने वाले समय में फलो की उच्च प्रति के पौधे जिले में ही तैयार किए जाने वाले हैं। जिसका सीधा लाभ किसानों को होगा। एवं नासिक और नागपुर से पौधों की आयत बंद कर गोंदिया से ही पौधों की निर्यात किए जाने का भी प्रस्ताव किया गया है ऐसी जानकारी अधिकारियों ने दी।

  साल में तीन फसल उगाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करो – विधायक विनोद अग्रवाल

गोंदिया तालुका में उपलब्ध सिंचन व्यवस्था का योग्य व्यवस्थापन एवं इस्तेमाल करने पर तालुका में खरीफ, रबी एंव जायद ऐसे तीनों फसलें उगा सकते हैं। जिसको प्रायोगिक तत्व पर तालुका के किसी भी चुनिंदा गांव में किसानों को तीनों फसलें लेने हेतु प्रोत्साहित करें। जिसका नतीजा तालुका के अन्य किसानों को जानकारी देकर संपूर्ण तालुका में साल में तीन फसल उगाने हेतु प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव विधायक विनोद अग्रवाल इन्होंने रखा। इस लिए रब्बी में धान व्यतिरिक्त तरबूज, खरबूज, लाखोरी, तूर, पोपट, जवस, उडीद, हरभरा, वाटणा, आदि फसल के साथ जायद में तील, करडई, मुग, उडीद चा समावेश कर किसानो कि आर्थिक स्थिती सुधारणा करने का प्रयास कर उनका आदर्श अन्य को देना चाहिए । जिसे सकारात्मक लेते हुए तालुका कृषी अधिकारी इन्होंने जल्द ही ऐसे किसी गांव को चुनकर वह साल में तीन फसलें उगाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही में उस गांव को आवश्यक बिजली एवं पानी की पूर्ति भी की जाएगी।इसके साथ उस गांव में कृषि सेवक, कृषि सहायक इनके माध्यम से समय-समय पर मार्गदर्शन भी किसानों को किया जाएगा। जिसके चलते यह संभव हो पाएगा ऐसे भी कृषि अधिकारी इन्होंने जानकारी दी।

इस बैठक में उपविभागीय कृषी अधिकारी पी. पाटिल, तालुका कृषि अधिकारी डी. एम. तुमडाम, कृषि विद्यापीठ के अधिष्ठाता डॉ. एम. एस. देशमुख, राजु माथुरकर, गोंदिया बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता अमोल जायसवाल, मनोज खोटेले, आर. के. कटरे, बाघ इटियाडोह उप विभागीय अभियंता वि. वि . निगम, महाबीज के प्रतिनिधि ए. एन. गावंडे, पी. व्ही. कलेवार, डब्लू टेम्भूर्ने आदि अधिकारी उपस्थित थे ।

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