रिपोर्टर|5 अक्तूबर
गोंदिया। गोंदिया ग्रामीण थाना क्षेत्र के नागरा ग्राम में कल रविवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में 35 वर्षीय बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद कंटेनर चालक द्वारा वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से मौके से फरार होने पर ग्रामीणों के आक्रोश को और भड़का दिया। ग्रामीणों ने पीछा कर कंटेनर को चंगेरा के समीप रोक लिया और चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद नागरा के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में बरती जा रही कथित लापरवाही और सुरक्षा उपायों के अभाव के विरोध में मृतक का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम आंदोलन शुरू कर दिया। देर रात पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग किए जाने की घटना से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सोमवार दोपहर तक ग्रामीण न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन पर डटे रहे। बाद में कुछ मांगों पर न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नागरा निवासी 35 वर्षीय लकेश रमेश बघेले रविवार, 4 अक्टूबर की शाम करीब 7.15 बजे अपने खेत में किसानी का काम निपटाकर मोटरसाइकिल से नागरा स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नागरा ग्राम के प्रवेश द्वार के समीप राष्ट्रीय महामार्ग पर सड़क पार करते समय गोंदिया से बालाघाट की दिशा में तेज गति से जा रहे कंटेनर ट्रक क्रमांक जीजे 03-बीवी 2882 ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि लकेश बघेले की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के अनुसार, दुर्घटना के बाद कंटेनर चालक ने वाहन रोककर घायल की मदद करने अथवा घटना की सूचना देने के बजाय कथित तौर पर कंटेनर को तेज गति से आगे बढ़ा दिया। इससे मौके पर मौजूद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने कंटेनर का पीछा किया और चंगेरा के समीप उसे रोकने में सफलता हासिल की। इसके बाद चालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
हादसे की खबर नागरा में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों का गुस्सा केवल दुर्घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने नागरा से गोंदिया के बीच चल रहे हाईवे निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव को लेकर भी तीखा विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप था कि सड़क निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और निर्माण स्थल पर वाहन चालकों तथा पैदल आवागमन करने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नागरा क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। सड़क पर जहां डिवाइडर अथवा सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था होनी चाहिए, वहां लंबे और नालीदार गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों तथा अव्यवस्थित निर्माण के कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि नागरा ग्राम के प्रवेश द्वार के सामने सड़क पार करने के लिए उचित डायवर्शन तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नागरा धाम एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिकों और श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इसके बावजूद निर्माण कंपनी द्वारा निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए जाने से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य से संबंधित निर्धारित शर्तों और एग्रीमेंट के अनुसार जिन सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का पालन किया जाना चाहिए, उनमें कथित तौर पर गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
ग्रामीणों ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में नागरा और आसपास के परिसर में हुई सड़क दुर्घटनाओं में करीब 12 लोगों की जान जा चुकी है तथा अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाने से नागरिकों में पहले से ही नाराजगी थी। रविवार की दुर्घटना ने इस आक्रोश को आंदोलन का रूप दे दिया।
देर रात ग्रामीणों ने मृतक लकेश बघेले का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि सड़क निर्माण में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की जांच हो तथा मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि लकेश परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बच्चे तथा बुजुर्ग माता-पिता हैं। ऐसे में परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता एवं मुआवजा देने की मांग प्रमुखता से रखी।
आंदोलन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति भी निर्मित हुई। आरोप है कि पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग किए जाने से कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं। वहीं मृतक के शव को लेकर जाने की कार्रवाई से ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई और न्याय की मांग को लेकर देर रात से सोमवार दोपहर तक आंदोलन जारी रखा।
आंदोलनकारियों का कहना था कि एक ओर सड़क निर्माण के दौरान कथित लापरवाही के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और दूसरी ओर हादसे के बाद पीड़ित परिवार तथा ग्रामीणों की आवाज सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में व्यवस्था और संबंधित जिम्मेदार तंत्र के प्रति गहरी नाराजगी दिखाई दी।
सोमवार दोपहर तक चले इस आंदोलन के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच चर्चा हुई। ग्रामीणों की कुछ न्यायोचित मांगों पर उचित कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। हालांकि, ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सुधार तथा भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक मृतक लकेश बघेले का शव जिला शासकीय सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया था। हादसे को लेकर पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं नागरा क्षेत्र में हुई इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर निर्माणाधीन राष्ट्रीय महामार्ग पर सुरक्षा इंतजामों और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
