प्रतिनिधि।08सितंबर
गोंदिया। गोंदिया-भंडारा जिले में बड़े पैमाने पर धान उत्पादन के बावजूद किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और कांग्रेस ने मंगलवार को तिरोड़ा में जनाक्रोश मोर्चा निकालकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मोर्चे के दौरान किसानों से संवाद करने के बाद आयोजित पत्र परिषद में राकांपा (शरद पवार) गुट के विधायक रोहित पवार ने महायुति सरकार पर किसानों से किए वादों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याएं गंभीर हैं और उनकी मांगों को लेकर पोले के दिन ही विभागीय आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें किसानों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।
रोहित पवार ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धान पर बोनस देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक उस घोषणा पर अमल नहीं हुआ है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री के करीबी विधायक परिणय फुके बोनस नहीं मिलने की बात कह रहे हैं, जबकि राकांपा (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता सांसद प्रफुल्ल पटेल धान बोनस मिलने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में धान बोनस को लेकर महायुति सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब फैसला सरकार को करना है, लेकिन हमारी स्पष्ट मांग है कि किसानों को 25 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर बोनस दिया जाए। उन्होंने धान का समर्थन मूल्य 3,500 रुपए प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग भी की। इसके साथ ही किसानों की कर्जमाफी कर उन्हें प्रभावी तरीके से नया फसल कर्ज उपलब्ध कराने की मांग उठाई। रोहित पवार ने कहा कि केवल घोषणाओं से किसानों की समस्याएं खत्म नहीं होंगी, बल्कि सरकार को इन मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन करना होगा।
एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने की अटकलों पर रोहित पवार का दो टूक जवाब
पत्र परिषद में एनसीपी के शरद पवार और अजित पवार गुट के फिर से एक होने की चल रही राजनीतिक अटकलों पर पूछे गए सवाल पर रोहित पवार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पुराना हो चुका है और दोनों पक्षों के एक होने का सवाल नहीं है। हालांकि उन्होंने राजनीतिक समीकरणों की एक गुंजाइश जरूर छोड़ी। रोहित पवार ने कहा कि यदि एनसीपी (अजित पवार गुट) महायुति में भाजपा का साथ छोड़ती है, तो उसे साथ लिया जा सकता है। उनके इस बयान से महाराष्ट्र की सियासत में एनसीपी के दोनों गुटों के बीच भविष्य के संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा छिड़ने के संकेत मिलते हैं।
पत्र परिषद के दौरान राकांपा के सलील देशमुख, सुनील भुसारा, जिलाध्यक्ष रवीकांत बोपचे, महिला जिलाध्यक्ष मेघा बिसेन सहित पदाधिकारी उपस्थित थे।
