गोंदिया: AI के युग में भी सच्ची पत्रकारिता का दर्पण दिखाती है प्रिंट मीडिया -नगराध्यक्ष सचिन शेंडे

465 Views

 

पत्रकार दिवस पर प्रेस ट्रस्ट ऑफ गोंदिया के “मिट द प्रेस” कार्यक्रम में नवागत नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने बताया शहर को विकसित करने का 100 दिन का खाका..

प्रतिनिधि।
गोंदिया। मराठी पत्रकारिता के जनक दर्पणकार आचार्य बालशास्त्री जांभेकर द्वारा 6 जनवरी 1832 को पहला मराठी अखबार ‘दर्पण” की शुरुवात की थी। इसी दिवस को पत्रकारिता में यादगार बनाने महाराष्ट्र सरकार ने पत्रकार दिवस के रूप में घोषित कर आचार्य बालशास्त्री जांभेकर को अभिवादन अर्पित किया।

6 जनवरी पत्रकार दिवस के उपलक्ष्य में प्रेस ट्रस्ट ऑफ गोंदिया द्वारा स्थानीय विश्राम गृह में कार्यक्रम का आयोजन कर मराठी पत्रकारिता के जनक एवं दर्पणकार आचार्य बालशास्त्री जांभेकर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही गोंदिया शहर के नवनिर्वाचित नगराध्यक्ष सचिन शेंडे, जिला सूचना अधिकारी अंजू कांबळे-निमसरकर का प्रेस ट्रस्ट ऑफ गोंदिया द्वारा सत्कार-सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप नवनिर्वाचित नगराध्यक्ष सचिन शेंडे, जिल्हा माहिती अधिकारी अंजु कांबळे-निमसरकर, प्रेस ट्रस्ट ऑफ गोंदिया के अध्यक्ष अपूर्व मेठी, जयंत शुक्ला, रवि आर्य मंचासीन रहे।

कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित गोंदिया नगर परिषद के नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने कहा, निर्वाचित होने के बाद ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे प्रेस के बीच सम्मान के साथ पत्रकार दिवस पर आने का अवसर प्राप्त हुआ। शेंडे ने कहा- आजकल की इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता, सोशल मीडिया नेटवर्क को देखकर आश्चर्य होता है। हमें देश के भीतर में क्या हो रहा है इसकी गंभीरता को न लेकर ईरान में क्या हो रहा है इसपर ज्यादा ध्यान केंद्रित रहता है। पत्रकारिता जनता का आधार स्तंभ है। कल जिस मराठी अखबार दर्पण की शुरुआत कर सकारात्मक पत्रकारिता कर आचार्य बालशास्त्री जी ने दर्पण के माध्यम से सच्चाई का दर्पण दिखाने का साहस किया वही पत्रकारिता आज प्रिंट मीडिया में साक्षात दिखाई देती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आधुनिक युग में फेक न्यूज, फेक नैरेटिव को फैलाकर पत्रकारिता को धूमिल किया जा रहा है। परंतु प्रिंट मीडिया ने आज भी आधुनिकता के युग में एआई की क्रांति के बावजूद सच्चाई परोसने का कार्य सकारात्मकता से संभाल रखा है।

जिला सूचना अधिकारी अंजू कांबळे मैडम ने मराठी पत्रकारिता के दर्पणकार आचार्य बालशास्त्री जांभेकर के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आचार्य बालशास्त्री जाम्भेकर को मराठी, संस्कृत, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, तेलुगु, फारसी, फ्रेंच, लैटिन और ग्रीक भाषाओं का ज्ञान था। अल्प आयु में फ्रेंच भाषा में उनकी दक्षता के लिए उन्हें फ्रांस के राजा द्वारा सम्मानित किया गया था। उन्होंने प्राचीन लिपियों का अध्ययन किया और कोंकण में शिलालेखों और ताम्रपत्रों पर शोध पत्र लिखे। वे ज्ञानेश्वरी को मुद्रित रूप में उपलब्ध कराने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्हें कोलाबा वेधशाला के निदेशक के रूप में भी नियुक्त किया गया था। बालशास्त्री को रसायन विज्ञान, भूविज्ञान, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, न्यायशास्त्र, इतिहास और मनोविज्ञान जैसे विभिन्न विषयों का ज्ञान था।


एल्फिंस्टन कॉलेज में अध्यापन करते समय, समाज के गहन अवलोकनकर्ता बालशास्त्री ने अनेक समस्याओं को देखा। वे फिजूलखर्ची, अनुचित रीति-रिवाजों, परंपराओं, अज्ञानता, गरीबी और अंधविश्वास के कारण समाज के पतन से चिंतित थे। उन्होंने इन सभी समस्याओं से निकलने का मार्ग दिखाने के लिए ज्ञानोदय की आवश्यकता महसूस की। इसी उद्देश्य से उन्होंने गोविंद कुंटे और भाऊ महाजन की सहायता से पहला मराठी समाचार पत्र ‘दर्पण’ 6 जनवरी 1832 को प्रकाशित किया। साथ ही, स्थानीय लोगों की समस्याओं और भावनाओं से ब्रिटिश शासकों को अवगत कराने के लिए ‘दर्पण’ में अंग्रेजी में एक स्तंभ की भी शुरुआत की।

‘दर्पण’ साढ़े आठ वर्षों तक चला और इसका अंतिम अंक जुलाई 1840 में प्रकाशित हुआ। आज, महाराष्ट्र में पत्रकारिता की संस्कृति मजबूत हो चुकी है और आचार्य बालशास्त्री जांभेकर द्वारा रखी गई नींव पर प्रगति कर रही है।

नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने “मिट द प्रेस” कार्यक्रम में दिया सवालों का जवाब, शहर की बदहाल व्यवस्था को पटरी पर लाने लिया संकल्प

नगराध्यक्ष सचिन शेंडे को जनता द्वारा मिली शहर को संभालने की जिम्मेदारी पर वे शहर में व्याप्त भ्रष्टाचार, समस्याओं से कैसे निपटेंगे, स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास और जन समस्याओं का निपटारा कैसे करेंगे पर पत्रकारों के साथ ही शहर के बुद्धिजीवी नागरिकों ने उनसे सवाल तलब किये।

नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने शहर की बदहाल व्यवस्था को पटरी पर लाने सबसे पूर्व 100 दिन का कार्यक्रम घोषित किया। उन्होंने बताया कि जनता को सबसे पूर्व स्वच्छता, बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी की आवश्यकता है। मैंने इसकी शुरुआत कर दी है। नियमित सफाई, पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षा के बदहाल स्तर को सुधारने एवं उसे पटरी पर लाने युद्धस्तर पर कार्य योजना शुरू की जा चुकी है।

सचिन शेंडे ने कहा, शहर को व्यवस्थित रखने पहली सभा में ही कड़े निर्देश लागू किये जायेंगे। अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। शहर को अन्य शहरों की तरह मॉडल बनाने पर कार्य किया जाएगा। शहर में सीसीटीवी कैमरे, गड्डा मुक्त शहर बनाने का प्रयास किया जाएगा। भूमीगत गटर योजना कैसे काम करेंगी इसका ब्लू प्रिंट जनता के सामने लाकर इसकी जानकारी साझा की जाएगी।

सचिन शेंडे ने बताया, वो प्रत्येक माह में आम जनता की राय, उनकी समस्या को सुनने जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन करेंगे और समाधान करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि आम शहर वासी को नगर परिषद में उनके कार्यो का निपटारा 10 दिन के भीतर हो ये निर्णय को अमल पर लाया जाएगा।

नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ने नगर परिषद की जर्जर इमारत पर कहा, हालात बहोत खस्ताहाल है। नगराध्यक्ष और मुख्याधिकारी के कक्ष की अवस्था दयनीय है। पूरी इमारत धोखादायक है। कोशिश रहेगी कि हमें नगर परिषद की जर्जर इमारत को नेस्तनाबूद कर नये निर्माण तक किसी अन्य जगह से कामकाज की शुरुआत करेंगे। शेंडे ने कहा, पूरे शहर में एकसाथ अतिक्रमण हटाने की करवाई शुरू की जाएगी। बाजार क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण कार्य को रोका जाएगा। सड़कों पर निकल आये अतिक्रमण को हटाकर सड़कों को चौड़ी किया जाएगा। शहर की सारी सड़के टिकाऊ, मजबूत और व्यवस्थित बनें इस पर मेरे कदम सख्त रहेंगे।

कार्यक्रम के अंत में नवागत नगराध्यक्ष सचिन शेंडे का शाल-श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर सत्कार व सम्मान किया गया। इस दौरान जिला सूचना अधिकारी का स्मृती चिन्ह देकर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष अपूर्व मेठी ने की वही, प्रस्तावना ट्रस्ट के पदाधिकारी रवि आर्य ने की एवं संचालन व आभार जयंत शुक्ला ने माना।

इनकी रही उपस्थिति-

कार्यक्रम में प्रमुखता से प्रेस ट्रस्ट ऑफ गोंदिया के पदाधिकारियों में अपूर्व मेठी, जयंत शुक्ला, रवि आर्य, आशीष वर्मा, हरिंद्र मेठी, राजन चौबे, जावेद खान, रविन्द्र तुरकर, संजीव बापट, योगेश राऊत, सहित अतुल गजभिये, मोहन पवार, चंद्रकांत खंडेलवाल, अतुल दुबे, नवागत नगरसेवक चंद्रकुमार चुटे, छैलबिहारी अग्रवाल, दिनेश ऊके, भावनाताई कदम, दीपक कदम, लखनभैया कटरे, भगत ठकरानी, रमेश शर्मा जी, तरुण मनुजा, नीलेश चौबे, गुप्ता जी, डीआईओ कार्यालय के श्री गजभिये जी, त्रिलोक तुरकर, सुशील अग्रवाल, सुषमा रघुवंशी, किंजल मेहता, दुर्गाप्रसाद अग्रहरी राममणि दुबे सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिकों की उपस्थिति रही।

Related posts