गोंदिया: जलाशयों से पर्यटक रहे सावधान, लोनावला जैसी घटना को रोकने जलाशयों के 200 मीटर दायरे में प्रतिबंध..

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प्रतिनिधि। 08 जुलाई

गोंदिया,: पुणे जिले के लोनावाला में भूशी बांध पर पर्यटकों के साथ हुई दुर्घटना की पुनरावृत्ति से बचने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिलाधिकारी गोंदिया प्रजीत नायर ने जिले के सभी जलाशयों, नदी-नाले, छोटे तालाब आदि के क्षेत्र पर नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से 200 मीटर के दायरे पर दो माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

राज्य के अंतिम छोर का नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण, सतपुड़ा पहाड़ियों से घिरा एवं कुदरती घने जंगल वाला गोंदिया जिला अपने भीतर अनेक खूबसूरती को समाएं हुए है। इस कुदरती सौंदर्य को निहारने, नवेगांवबांध नेशनलकपार्क, नवेगांव-नागझिरा टाईगर रिजर्व में वन्यजीव की सैर के लिए पर्यटक बड़ी मात्रा में यहां आते। जंगलों में घिरे यहां के बड़े बड़े विशालकाय जलाशय, वैनगंगा नदी घाट, बाघ नदी घाट, आदिवासी समुदाय की प्राचीन कचारगड की गुफाएं, विशालकाय कुदरती हाजराफाल झरना देखने पर्यटक आते है।

इन दिनों बारिश का मौसम शुरू होने पर पर्यटकों पर सुरक्षा की दृष्टि जरूरी है। जिले में सैर सपाटा करने के दौरान कोई भी अप्रिय घटना होने से रोकना शासन की जिम्मेदारी है। इस हेतु पुणे के लोनावला जैसी घटना यहां न घटे इसके लिए जिलाधिकारी प्रजीत नायर ने पर्यटकों को सचेत करते हुए इन सभी जलाशयों, नदी नालों, तालाबों, झरनों से 200 मीटर की दूरी बनाने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी के आदेश के तहत इस आदेश का अमल 6 जुलाई से आगामी 30 सितंबर तक लागू रहेगा।

आदेश में ये सब मनाही:

बारिश के कारण तेज बहते पानी में उतरना, गहरे पानी में चले जाना और उसमें तैरना। झरने के पास जाना और उसकी पानी की धारा के नीचे बैठना। बारिश के खतरनाक स्थानों, झरनों, खड्डों, खतरनाक मोड़ों आदि पर सेल्फी लेना और किसी भी प्रकार का फिल्मांकन करना।

नशे की हालत में शराब पीकर प्राकृतिक वर्षा के परिसर में प्रवेश करना, शराब रखना, शराब का परिवहन करना, शराब की अनधिकृत बिक्री करना और खुले में शराब का सेवन करना।  यातायात वाली सड़कों और खतरनाक स्थानों पर वाहनों को रोकना। तेज़ गति से गाड़ी चलाना और इस तरह से गाड़ी चलाना जिससे यातायात प्रभावित हो।  वाहनों के परिवहन के दौरान लापरवाही से वाहन चलाना और खतरनाक तरीके से अन्य वाहनों को ओवरटेक करना, खाद्य अपशिष्ट, कांच और प्लास्टिक की बोतलें, थर्माकोल और प्लास्टिक सामग्री को सार्वजनिक स्थानों पर खुले में फेंकना।

सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को परेशान करना, उनका मजाक उड़ाना, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करना, भद्दे भद्दे इशारे करना, गपशप करना या किसी ऐसे व्यवहार में शामिल होना जिससे शर्मिंदगी हो।  सार्वजनिक स्थानों पर तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम बजाना, डीजे बजाना। प्लेइंग सिस्टम, कार स्पीकर/वूफर और इससे ध्वनि प्रदूषण करना। ऐसी कोई भी गतिविधि करना जिसके परिणामस्वरूप ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण होता है। सभी दोपहिया, चार पहिया और छह पहिया वाहनों को झरने के 200 मीटर के भीतर (आपातकालीन वाहनों को छोड़कर) प्रवेश करने पर प्रतिबंध है।

आदेश का पालन न करने, उल्लंघन करने पर संगठन या समूह आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 163 के साथ-साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत दंड के लिए उत्तरदायी होगा। अपराध घटित माना जायेगा और नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

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