आचार्य विद्यासागरजी ने जो विश्व को प्रकाश दिया वो ओझल नही हो सकता – निर्यापक मुनिश्री समय सागर

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गोंदिया शिक्षण संस्था के परिसर जी. ई. एस. हायस्कूल रावणवाडी, गोंदिया मे संत शिरोमणी आचार्य विद्यासागरजी महाराज कि डोंगरगढ मे समाधी में विलीन होने के पश्चात विनयांजली सभा का आयोजन किया गया. सभा में पूर्व विधायक राजेंद्र जैन ने प्रस्तावना रखी . पश्चात राजकुमार एन जैन, निखिल जैन, केतन तुरकर, गणेश बरडे, सौ. पूजा अखिलेश शेठ, सौ. सरला चिखलोंडे, विनोद पटले, गेंदलाल बिसेन, आनंद लांजेवार, विजय रहांगडाले व दि. जैन समाज के ट्रस्टी संजय जैन लाडली, हिरेश जैन, देवेंद्र अजमेरा, वसंत पांड्या, बालाघाट के सुशील जैन, संतोष देवडिया, रविकांत जैन, चक्रेश जैन, स्वतंत्र जैन, व्यवहारी (म.प्र.), देवेंद्र जैन आदी ने गुरु चरणों में श्रीफल भेट किया. गुरुदेव समय सागर महाराज के पादपक्षालन दि. जैन समाज गोंदिया द्वारा किया गया।

मुनिश्री अजित सागरजी महाराज व मुनिश्री प्रशस्त सागरजी महाराज ने भी विनयांजली पर संबोधन किया निर्यापक मुनिश्री समय सागरजी ने विनयांजली पर अपने भाव भरे शब्दो में कहा आज ज्यादा नही कह पाऊंगा विशाद का प्रसंग है एक दिव्य दृष्टी व आत्म दृष्टी के साथ जिनका जीवन चल रहा था और ५० – ५५ वर्ष से बैरंग साधना ही नहीं अंतरंग साधना के साथ आत्म कल्याण व विश्व् कल्याण की दृष्टि सामने रखते हुए उन्होंने विश्व को जो प्रकाश दिया है वो ओझल नहीं हो सकता। अभी मुनी संघ का सौरभ जैन बंडा (म. प्र.) विहार सफलता पूर्वक करा रहे है.

गोंदिया के लिये परम सौभाग्य कि बात है आचार्य पद प्राप्ती कि घोषणा के बाद प्रथम आहार का सौभाग्य दि जैन समाज गोंदिया को रावणवाडी में प्राप्त हुआ. सौ. वर्षाताई पटेल ने भी मुनी संघ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. इस विनयांजली सभा में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यों के साथ बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित थे.

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