‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर कांग्रेस का गोंदिया में हुंकार; यम्मी याग्निक बोलीं—मताधिकार की रक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई
गोंदिया, 26 अक्टूबर। देश में मतदाता सूची और कथित तौर पर बड़े पैमाने पर वोटों के विलोपन को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना राजनीतिक मोर्चा तेज कर दिया है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़ा गंभीर सवाल बताते हुए 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ कार्यक्रम के तहत विशाल मोर्चे का ऐलान किया है। इस मोर्चे में गोंदिया से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया है।
इसी अभियान को धार देने के लिए सोमवार, 26 अक्टूबर को गोंदिया के शहीद भोला कांग्रेस भवन में पत्र परिषद आयोजित की गई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पूर्व राज्यसभा सांसद एवं गुजरात की वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री श्रीमती यम्मी याग्निक ने पत्र परिषद को संबोधित करते हुए अभियान की रणनीति, उद्देश्य और दिल्ली में होने वाले मोर्चे की तैयारियों की जानकारी दी।
![]()
कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर के नाम पर देशभर में करीब 13-14 करोड़ नागरिकों के वोट काटे गए हैं, जबकि महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस इसे महज मतदाता सूची में बदलाव नहीं, बल्कि ‘वोट के अधिकार पर सीधा प्रहार’ बता रही है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विभिन्न क्षेत्रों में कथित वोट चोरी से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाब मांगा, लेकिन अब तक संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि करोड़ों नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित करने की स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को निशाना बनाया है।
गोंदिया से दिल्ली तक ‘वोट’ की लड़ाई का बिगुल
पत्र परिषद में यम्मी याग्निक ने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान केवल कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से जुड़ा जनअभियान है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों तक अभियान का संदेश पहुंचाने तथा 1 नवंबर के दिल्ली मोर्चे में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
याग्निक विभिन्न क्षेत्रों में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों से संवाद कर रही हैं। उनका उद्देश्य दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले कार्यक्रम को व्यापक जनसमर्थन दिलाना और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाना है।
गोपालदास अग्रवाल का दावा—‘फॉर्म नंबर 7 बना वोट कटने का हथियार’
पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर सीधे फॉर्म नंबर 7 को निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ और देशभर में करीब 13 करोड़ नागरिकों के वोट काटे गए हैं। उनके अनुसार अकेले गोंदिया में करीब 57 हजार वोट काटे गए, जबकि लगभग 27 हजार मतदाताओं के नाम प्रक्रिया में लंबित हैं।
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि फॉर्म नंबर 7 वोट चोरी के बड़े षड्यंत्र का माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस पूरे मामले का अध्ययन किया है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर बड़ी संख्या में फॉर्म भरवाए हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए बड़ी लड़ाई लड़ रही है। अब यह मुद्दा केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर उस नागरिक तक पहुंचना चाहिए जिसके हाथ में लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत—उसका वोट—है।
पत्र परिषद के दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे, पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल, जिलाध्यक्ष अमर वरहाड़े, पुरुषोत्तम कटरे, पीजी कटरे, विनोद जैन, जहीर अहमद, सुनील भालेराव, जितेश राणे, राजकुमार पटले, रमेश अम्बुले, छबुताई ऊके, अर्जुन नागपुरे, सुनील तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
