9 साल पूर्व किये गए प्रयास का प्रतिफल, शिवसेना नेता मुकेश शिवहरे ने नवेगांव-नागझिरा अभ्यारण्य का मुरदोली गेट शुरू करने की बताई गाथा..

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प्रतिनिधि।
गोंदिया। वर्षो से बंद पड़ा रहा गोंदिया जिले के नवेगांव-नागझिरा वन्यजीव अभ्यारण्य का पूर्वी मुरदोली प्रवेश द्वार अब जाकर 2026 में शुरू हुआ है। इसे शुरू करने की मांग वर्ष 2017 में तत्कालीन गोंदिया जिला शिवसेना प्रमुख रहे मुकेश शिवहरे ने मुंबई मंत्रालय में जाकर उठायी थी,। उन्होंने आज अखबार में प्रकाशित उस समय की खबर को साझा कर इसकी व्यथा और गाथा सुनाई है।

दरअसल नवेगांव-नागझिरा वन्यजीव अभ्यारण्य पूर्व में कोर क्षेत्र, बफर क्षेत्र में बंटा हुआ था। टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य का बफर क्षेत्र 650 वर्ग किलोमीटर तक सीमित था, जबकि कोर एरिया 1200 वर्ग किलोमीटर इससे अलग। कोहमारा-गोंदिया नेशनल हाइवे पर इसी घने जंगल में पूर्व में बनाया गया पर्यटकों के लिए मुरदोली प्रवेश द्वार था, जिसे बफर और कोर के चक्कर में बंद कर दिया गया था।

नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य के इस मुरदोली गेट के बंद होने से वन्यजीव प्रेमियों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से आनेवाले पर्यटकों को भंडारा जिले के साकोली एवं गोंदिया जिले के चोरखमारा गेट से प्रवेश करना पड़ता था, जो कि अत्यधिक घुमावदार और भूलभुलैया रास्ता था। ऐसे में बाहरी पर्यटकों की संख्या में कमी देखी गई।

इस गेट को पुनः शुरू कराने एवं जिले के टाइगर रिजर्व अभ्यारण्य की ख्याति महाराष्ट्र सहित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बढाने वर्ष 2017 में तत्कालीन शिवसेना जिला प्रमुख मुकेश शिवहरे ने मुंबई मंत्रालय में आवाज उठाई। मंत्रालय में तत्कालीन वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार से भेंट कर नवेगांव-नागझिरा वन्यजीव अभ्यारण्य में पर्यटकों के मुरदोली प्रवेश द्वार को शुरू करने में आ रही बाधाओं से अवगत कराया और पर्यटन को बढ़ावा देने इस गेट को पुनः शुरू करने की मांग की। उन्होंने तत्कालीन गोंदिया जिले के पालकमंत्री एवं समाजिक न्यायमंत्री राजकुमार बडोले से भेंट कर दोनों मंत्रियों से समन्वय स्थापित किया। उसी दौरान इस अभ्यारण्य में आ रही बाधाओं को दूर करने कोर और बफर को विलय करने का निर्णय लिया गया। पर इसे 9 साल बाद अब जाकर 1 अप्रैल 2026 को लागू किया गया।

इस निर्णय के तहत कोर एरिया और बफर एरिया को 1 अप्रैल, 2026 से मिला दिया गया है और अब नवेगांव-नागजीरा टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1850 वर्ग किलोमीटर हो गया है। पहले यह क्षेत्रफल 650 वर्ग किलोमीटर था। कोर एरिया में अब 1200 वर्ग किलोमीटर का बफर एरिया शामिल कर दिया गया है। इस निर्णय से बाघ अभ्यारण्य का दायरा काफी बढ़ गया है।

इसी निर्णय के तहत टाइगर रिजर्व का दायरा बढ़ने से वर्षो से बंद मुरदोली प्रवेश द्वार को संजीवनी मिल पायी और आज ये प्रवेश द्वार पर्यटकों की पहली पसंद बन बैठा है। मुकेश शिवहरे ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, आगामी समय में इस प्रवेश द्वार से वन्यजीव पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी होगी और महाराष्ट्र के अंतिम छोर के जिले को एक पहचान।

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