बिरसी एयर पोर्ट सुना, MIDC में उद्योग नही, गोंदिया बहा रहा बदहाली के आंसू..

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जाहिद खान।
गोंदिया। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा महाराष्ट्र के अंतिम छोर वाला जिला “गोंदिया” इन दिनों अविकसित रूप से बदहाली के आंसू बहा रहा है। न रोजगार है न व्यापार, न उद्योग है न अवसर। इतना ही नही विशालकाय बिरसी एयरपोर्ट से विमानसेवा बंद होने से हवाई यात्रा के सपने भी तार-तार हो गए है।
आज जिस तेजी से भारत विकास के मुहाने पर प्रगति कर रहा है उसी रफ़्तार में हमारा गोंदिया बैकफुट पर दिखाई दे रहा है। नतीजा ये है कि इस शहर के, जिले के लोग नौकरी, शिक्षा, रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे है। नागपुर जैसा शहर आज भारत में वर्ल्ड क्लास शहर की छाप छोड़ रहा है। मुंबई जैसे शहर की लाइन में खड़ा है। तेज रफ्तार पर दौड़ रहा है, वही हमारा गोंदिया जो मात्र 130 किमी दूर है और महाराष्ट्र का अंतिम जिला है बावजूद इसकी तरक्की निचले पायदान में है।
गोंदिया शहर की एमआईडीसी में कभी 100 के करीब उद्योग धंदे हुआ करते थे। आज नतीजा ये है कि इस एमआईडीसी में लगभग 83 छोटे-बड़े उद्योग बंद हो गए। जिस एमआईडीसी में उद्योग बढ़ना चाहिए, रोजगार मिलना चाहिए वहां की स्थिति इतनी विकराल की उद्योग खत्म हो रहे है। आज एमआईडीसी सिर्फ नाम का रह गया है जो अब चावल मिल और प्लास्टिक उद्योग के साथ कुछ छोटे-मोटे उद्योग पर चल रहा है।
अब इस रुकी तरक्की को क्या कहे? किस पर इसका ताज पहनाये? गोंदिया-भंडारा लोकसभा ने इस क्षेत्र से एक नायाब नेता प्रफ़ुल्ल पटेल के रूप में दिया। केंद्र सरकार में मंत्रिपद दिया। उद्योग मंत्री रहते हुए प्रफुल्ल पटेल ने भंडारा में भेल, तिरोडा में अडानी जैसी कंपनी लायी। अडानी तो चल पड़ी पर पटेल के मंत्रिपद जाते ही भेल लटक गई। पटेल ने विमान मंत्री रहते हुए बिरसी के हवाई पट्टी को हवाई अड्डे का रूप दिया। आलीशान एयरपोर्ट बनवाया। पायलट प्रशिक्षण केंद्र खुलवाया। पर आज हालात सिर्फ शोपीस जैसे रह गए।
बिरसी एयरपोर्ट बनने से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस एयरपोर्ट पर उतरकर गोंदिया, बालाघाट, सिवनी जैसे शहरों में अपनी जनसभा कर चुके है। अनेक मुख्यमंत्री, मंत्री, अडानी, अंबानी इस एयरपोर्ट पर उतर चुके है। गोंदिया से इंदौर, हैदराबाद की उड़ान नियमित चल चुकी है। फ्लाईबिग, स्टार एयरलाइंस, इंडिगो एयरलाइंस ने विमानसेवा शुरू कर गोंदिया को तोहफा और सहुलियत भी दी। पर अब सब शांत हो गया है। इतना बड़ा एयरपोर्ट अब यात्री विमान की प्रतीक्षा में बदहाली के आंसू बहा रहा है।
आज वर्तमान में गोंदिया जिले में तीन विधानसभाओं में भाजपा के विधायक है जबकि चौथा एनसीपी का विधायक है। गठबंधन की सरकार महाराष्ट्र में है। भाजपा के बड़े नेताओं का गोंदिया से लगाव है। राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल भी आज भाजपा नेताओं के मित्र है। भाजपा के साथ उनकी पार्टी एनसीपी का गठबंधन है। बावजूद गोंदिया पिछड़ा हुआ है। ऐसा लगता है कि नेताओं की इच्छाशक्ति समाप्त हो गई है।
गोंदिया को राइस सिटी कहा जाता है, पर यहां का किसान बदहाल है। किसानों की उपज, धान को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस पहल नही हो पाई। धान उत्पादक किसान सिर्फ एक फसल पर ही निर्भर है। आज किसान के बेटे दूसरे विकल्प तलाश कर रोजगार के लिए पलायन कर रहे है। अगर जनप्रतिनिधि इन विकासों की ओर तरजीह देंगे तभी ये जिला और शहर विकास के, शिक्षा के, रोजगार के एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ सकता है, नहीं तो सिर्फ ठहरा हुआ दिखाई देगा।

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