‘डबल मनी’ महाघोटाला, करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड सोमेंद्र कंकरायने सहित 8 गिरफ्तार

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डायरी खोलेगी करोड़ों के काले खेल का राज, 500 करोड़ से ज्यादा के नेटवर्क का खुलासा

क्राइम रिपोर्टर।

बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में सामने आए बहुचर्चित डबल मनी निवेश घोटाले का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए कथित मास्टरमाइंड सोमेंद्र कंकरायने सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़ा हुआ है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस का मानना है कि आगे कई और बड़े खुलासे होने के साथ-साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने प्रेसवार्ता में बताया कि यह डबल मनी निवेश योजना वर्ष 2016-17 के दौरान शुरू हुई थी। शुरुआत में लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर निवेश कराया गया। एजेंटों के माध्यम से यह नेटवर्क लगातार फैलता गया और वर्ष 2019 में पहली शिकायत सामने आने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का पैसा इस योजना में लगाया जाता रहा। वर्ष 2022 में पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की, जिसके दौरान एजेंटों, निवेशकों और करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। मुख्य आरोपी गिरफ्तारी से बचता रहा और वर्ष 2023 से फरार चल रहा था।

पुलिस ने बताया कि पिछले छह महीनों से विशेष टीम लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की तलाश कर रही थी। नागपुर, भोपाल और हरिद्वार सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश देने के बाद आखिरकार सोमेंद्र कंकरायने सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सोमेंद्र कंकरायने, तामेश मंसुरे, राकेश मंसुरे, प्रद्युम्न कंकरायने, योगेंद्र कंकरायने, दिनेश कंकरायने, रूपचंद सहित एक अन्य आरोपी शामिल है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आपस में संपर्क बनाए रखने के लिए टेलीग्राम एप का उपयोग करते थे। फरारी के दौरान सामान्य मोबाइल नेटवर्क से दूरी बनाकर डिजिटल माध्यमों से निवेश, लेन-देन और अन्य गतिविधियों का संचालन किया जाता था। पुलिस अब मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल डाटा और टेलीग्राम चैट की फॉरेंसिक जांच कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान सोमेंद्र कंकरायने के पास से एक महत्वपूर्ण डायरी भी बरामद हुई है। इस डायरी में निवेशकों के नाम, एजेंटों का विवरण, निवेश की राशि, लेन-देन तथा अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारी दर्ज होने की संभावना है। पुलिस का मानना है कि इसी डायरी के आधार पर करोड़ों रुपये के लेन-देन, निवेशकों की वास्तविक संख्या और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई नए नाम सामने आ सकते हैं।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ मामलों में पहले कार्रवाई होने और आरोपियों को जमानत मिलने के बाद भी निवेश का खेल बंद नहीं हुआ। आरोप है कि कुछ लोगों को पहले निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए समय पर रकम लौटाई गई, जबकि एजेंट लगातार नए लोगों को जोड़ते रहे। इसी तरीके से नेटवर्क का विस्तार किया गया।

फरारी के दौरान सोमेंद्र कंकरायने लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। पुलिस के अनुसार वह विभिन्न राज्यों में रहकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास करता रहा। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उसकी एक कार बालाघाट जिले के एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति के परिसर के पास खड़ी मिली थी, जिसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क को फैलाने में एजेंटों की सबसे बड़ी भूमिका रही। एजेंट गांव-गांव और शहरों में लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें अधिक मुनाफे का लालच देते थे और बिना किसी वैधानिक अनुमति के करोड़ों रुपये का निवेश कराते थे। पुलिस ऐसे सभी एजेंटों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।

एसपी आदित्य मिश्रा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कम समय में पैसा दोगुना करने या अत्यधिक लाभ देने वाली किसी भी योजना पर विश्वास न करें। निवेश करने से पहले संबंधित संस्था की वैधता, पंजीयन और वित्तीय अनुमति की पूरी जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि मेहनत की कमाई केवल अधिकृत और सुरक्षित माध्यमों में ही निवेश करें।

पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। जब्त की गई डायरी, बैंक खातों, मोबाइल फोन, डिजिटल डाटा और अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित डबल मनी घोटाले से जुड़े कई और नाम, करोड़ों रुपये के लेन-देन और नेटवर्क के विस्तार से संबंधित नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

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