12 वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या और दुष्कर्म मामले में 4 नाबालिग शामिल, पुलिस ने भेजा बाल सुधारगृह

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7 दिन बाद पुलिस पकड़ में आये 4 नाबालिग, मोबाईल चैट से हुआ खुलासा…

रिपोर्टर।
गोंदिया। 19 अप्रैल को देवरी तहसील के चिचगड थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोटनपार में एक शादी समारोह में घटित इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना ने गोंदिया जिले सहित पूरे विदर्भ को हिलाकर रख दिया। 12 साल की एक मासूम का अपहरण कर, उसके साथ दरिंदगी फिर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना में 6 दिनों तक आरोपियों की पकड़ न होने पर अनेक सामाजिक संगठन, आदिवासी समाज संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों ने सड़क पर उतरकर आरोपियों की पकड़ व कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिसे लेकर पुलिस पर बड़ा प्रेशर था।
पुलिस टीम ने पिछले 6 दिनों से जबरदस्त तरीक़े से जांच कर आज (27अप्रैल को) इस घटना को अंजाम देने वाले 4 लड़कों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है।
पुलिस अधीक्षक गोंदिया निखिल पिंगले, अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद झा एवं एसडीपीओ विवेक पाटील के मार्गदर्शन में आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पत्र परिषद लेकर पुलिस ने इस घटना का खुलासा किया।
पुलिस ने बताया कि इस वारदात के बाद से ही पुलिस की 6 टीम मुस्तैदी से जांच में जुटी हुई थी। हर एक एंगल से पुलिस जाँच कर रही थी, 100 से अधिक लोगो से पूछताछ हुई, आरोपियों की पकड़ के लिए 50 हजार रुपये का इनाम भी रखा पर सफलता हाथ नही लग रही थी। पुलिस टीम ने आखिरकार मोबाइल फोन की जांच के दौरान एक नंबर ऐसा पाया जिसमें एक दूसरे से हुई चैट में कुछ संदिग्ध पाया गया और यही से प्रकरण का खुलासा हुआ।
पुलिस ने बताया कि, मोबाइल चैट में संदिग्ध मैसेज में आगे के मैसेज डिलेट थे। जब उससे पूछताछ की गई तो, वो जवाब देने में असमर्थ था। जिस लड़के को वो मेसेज कर रहा था, उसके मोबाईल को खंगाला गया तो, उसके मोबाइल से भी मेसेज डिलेट थे।
पुलिस ने जब बारीकी से पूछताछ की तो इस मोबाइल मेसेज के तार उक्त नाबालिग लड़की के प्रकरण से जुड़े दिखाई दिए। एक मैसेज के माध्यम से 4 युवक हिरासत में लिए गए। जिसमे से दो लड़कों ने उक्त घटना की सारा घटनाक्रम सुना दिया।
पुलिस ने बताया कि, हिरासत में लिए गए चारो नाबालिग लड़के आदिवासी समाज से है तथा 18 साल से कम उम्र के है, तथा 12 वी परीक्षा दिए हुए है। ये सभी विधिसंघर्ष बालक चिल्हाटी गाँव के है। घटना वाली रात एक लड़का उक्त नाबालिग लड़की को बाइक में बैठाकर ले जा रहा था, वो उसका परिचित था। आगे 3 लड़के और मिले तथा नाबालिग लड़की को जबर्दस्ती जंगल में ले गए और ये वारदात घटित हुई।
पुलिस ने इस प्रकरण पर भादवि की धारा 302, 376, 4,6, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर 4 नाबालिग बालकों को नागपुर के बालसुधार गृह में 17 मई तक के लिए भेज दिया है।
इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक निखिल पिंगळे , अप्पर पुलीस अधीक्षक नित्यानंद झा, उपविभागीय पोलीस अधिकारी देवरी विवेक पाटील के मार्गदर्शन में लोकल क्राइम ब्रांच के पीआई दिनेश लबडे, सपुनि विजय शिंदे, पोउपनी महेश विघ्णे, मपोउपनी वनिता सायकर व स्टाफ, सायबर सेल के पीआई रासकर व टीम, नक्सल सेल के पीआई सचिन म्हेत्रे ,सपोनि नाईक व नक्षल सेल की संपूर्ण टीम, चिचगड पुलिस थाना के एपीआई काळेल, व पुलिस टीम, एसडीपीओ ऑफिस स्टाफ, अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्टाफ, सालेकसा पुलिस टीम, एओपी गनुटोला टीम का सरहानीय प्रयास रहा।

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