जब, बेटा ब्लड कैंसर और पिता किडनी से थे ग्रस्त मैंने अपनाया आयुर्वेद, हो गए स्वस्थ्य- Ex. IAS अधिकारी डॉ. एस. एम. राजू

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एक पूर्व अधिकारी बनें नियो आयुर्वेदा “मिरेकिल ड्रिंक्स” के जनक, गोंदिया में “मिरेकिल ड्रिंक्स” क्लिनिक का किया शुभारंभ…

गोंदिया। 30 अगस्त
1991 बैंच के पूर्व आईएएस अधिकारी रहे डॉ. एस एम राजू आज 64 वर्ष की आयु के है और एकदम फिट। पूरे भारतवर्ष में उन्हें आयुर्वेद को बेहतर तरीके से नियो पद्धति में जटिल रोगों के सफल इलाज के लिए जाना जाता है। अधिकारी बनने के पूर्व से वे आयुर्वेद पर बड़ी-बड़ी पुरानी किताबें पढ़कर, प्राचीन चिकित्साविद चरक पद्धति अपनाकर तथा उन पर गहन अध्ययन, रीसर्च व एक्सपेरिमेंट कर आज नियो आयुर्वेदा के तहत मिरेकिल ड्रिंक्स नाम से अनेक क्लिनिक अनेक शहरों में चला रहे है।
इसी क्रम में 28 अगस्त को गोंदिया शहर के श्रीजी लॉन्स कॉम्प्लेक्स में डॉ. एस एम राजू की उपस्थिति में गोंदिया शहर के लोगो को आयुर्वेद के तहत 170 से अधिक पुरानी व जटिल इलाज का लाभ घरेलू आहार पद्धति से प्राप्त हो इस हेतु मिरिकल ड्रिंक्स क्लिनिक की शुरूआत की गई।
उन्होंने इस शुभारंभ अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, आयुर्वेद का जन्मदाता हमारा भारत है। प्राचीन काल में हमारे आहार वस्तुओं, प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से ही इलाज होता था। ये वर्षो पुरानी पद्धति है जिसे भारत सरकार भी आयुष मंत्रालय के तहत पूरे विश्व में बढाने का कार्य कर रही है।
पूर्व आईएएस अधिकारी व मिरेकिल ड्रिंक्स के संस्थापक डॉ. एस एम राजू ने कहा, मैं यहां कोई अपना प्रोडक्ट बेचने नही आया हूँ। हमनें आयुर्वेद प्राचीन पद्धति के तहत 9 ऐसी दवा संसोधित कर तैयार की है जिससे 170 जटिल बीमारियों का इलाज संभव है। ये सभी दवा घरेलू आहार में ली जाने वाली वस्तुओं से निर्मित है। अगर व्यक्ति प्रण कर ले कि उसे स्वस्थ्य जीवन जीना है निरोगी रहना है तो वे इस नियो पद्धति को अपनाकर स्वस्थ्य रह सकता है।
एस एम राजू ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि, जब मैं यूवावस्था में था तब वे गठिया रोग से ग्रसित हुए थे। उनकी रुचि कृषि में होने तथा कृषि से स्नातक करने पर उन्होंने प्राकृतिक इलाज अपनाया और गठिया को दूर भगाया। जब उनके पिता किडनी रोग से ग्रसित हुए तो वे अंग्रेजी (एलोपैथी) दवा खाकर थक गए जिससे उन्हें डायलिसिस की नोबत आन पड़ी। उन्होंने स्वयं आयुर्वेदिक पद्धति पर पुरानी किताबों का गहन अध्ययन किया और उस अध्ययन का एक्सपेरिमेंट अपने पिता पर कर उन्हें किडनी रोग से बाहर लाने का कार्य किया।
इतना ही नही उन्होंने कहा, जब उनके बेटे को ब्लड कैंसर हुआ तो, वे चिंतित हो गए। उन्होंने उस समय भी ठान लिया कि, वे एलोपैथी की जगह आयुर्वेद चिकित्सा के तहत ही उसका इलाज करेंगे। उन्होंने खुद दवा ईजाद की और उस दवा को अपने बेटे पर प्रयोग कर उसे ब्लड कैंसर से पूर्णतः ठीक करने का कार्य किया। मिरेकिल की दवा या उनके आहार संबधी बताए परामर्श से अबतक लाखो लोग ठीक हो चुके है। और दैनंदिन के जीवन में आहार को लेकर मिरेकिल की परामर्श पर स्वस्थ जीवन जी रहे है।
श्री एस एम राजू कर्नाटक राज्य के मूलतः निवासी है तथा बिहार राज्य में जिलाधिकारी, कमिश्नर और सचिव रह चुके है। उनके नाम एकसाथ 1 करोड़ वृक्ष लगाने का रेकॉर्ड भी कायम है। भारत वर्ष सहित अनेक देशों में मिरेकिल ड्रिंक्स अपनी सेवाएं दे रही है। डॉ.एसएम राजू 7 अंतराष्ट्रीय अवार्डों से सम्मानित किए जा चुके है। वर्ष 2016 में भारत सरकार के आयुष्य मंत्रालय से उन्हें अपने नियो आयुर्वेद चिकित्सा हेतु मिरेकिल ड्रिंक्स को मान्यता प्रदान की जा चुकी है।
गोंदिया में इस मिरिकल ड्रिंक्स क्लिनिक की शुरुवात से पूरे जिले के नागरिक इस क्लिनिक में आकर डॉक्टर से परामर्श, आहार संबधी जानकारी व 170 से अधिक जटिल बीमारियों के इलाज हेतु विस्तृत जानकारी लेकर निरोगी आयुर्वेद पद्धति अपनाकर स्वस्थ्य जीवन जीने का संकल्प ले सकते है।
क्लिनिक शुभारंभ अवसर के दौरान सांसद सुनील मेंढे, जिप सभापति संजय टेंभरे, भाजपा शहर अध्यक्ष सुनील केलंका, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. बी के चौधरी, भाजपा महामंत्री संजय कुलकर्णी, डॉ.गायत्री सोनवाने, मदनलाल शुक्ला, गजेंद्र फुंडे, सचिन जाधव, हेमंत शुक्ला, डॉ.योगेश सोनवाने, जयंत शुक्ला, विकास सार्वे, तुषार लिचडे, अश्विनी शुक्ला, राजन चौबे, ऋषीकांत साहू, संजय मुरकूटे, भरत क्षत्रिय, शंभुशरणसिंह ठाकूर, सुरेश चंदनकर, मुन्नालाल यादव, श्रीराम मिश्रा, कमल अग्निहोत्री, भास्कर कडव, प्रविण पटले, सीए सुनिल चावला, विनोद चांदवानी, रमाशंकर शर्मा, योगेश्वर कावळे, डॉ.मितेश तुरकर, शिवपाल सोनपुरे, निशांत सोनपुरे, योगेश शुक्ला, पंकज त्रिपाठी, नईम खान, मंगेश पटले, कैलाश चित्रीव, ललित शर्मा, व्यंकट पाथरू,  शैलेष रंगारी, अरूण तुपकर आदि की उपस्थिति रही।

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