गोंदिया, 02 अप्रैल। नाशिक के हाई प्रोफाइल ढोंगी ज्योषातिचार्य, महाठग, नरपिशाच, महिलाओं का यौन शोषण करने वाला ढोंगी बाबा अशोक खरात की हैवानियत से पूरा महाराष्ट्र शर्मसार हुआ है। वर्तमान में अशोक खरात भले ही पुलिस शिकंजे में है पर महाराष्ट्र में सियासत गर्मायी हुई है। हाल ही में इस मामले पर महाराष्ट्र के पूर्व सामाजिक न्यायमंत्री एवं वर्तमान में एनसीपी से विधायक राजकुमार बड़ोले ने ऐसे मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर इस पर बनें कानून को सख्ती से लागू करने की बात कही है।
पूर्वमंत्री राजकुमार बड़ोले ने कहा, महाराष्ट्र विधानसभा ने मानव बलि और अन्य अमानवीय, दुराचार, अघोरी प्रथाओं और जादू टोना के निषेध और पूर्ण उन्मूलन के लिए महाराष्ट्र अधिनियम, 2013 पारित किया। हालांकि, इस कानून का प्रभावी क्रियान्वयन अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाया है। कई मामलों में, कानून का उल्लंघन होने पर भी सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है। इसका मुख्य कारण यह है कि कानून के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक नियम अभी तक अंतिम रूप नहीं दिए गए हैं या उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है।
इसके परिणामस्वरूप, धोखेबाजों, ढोंगी बाबाओं, ज्योतिषियों और तांत्रिकों के माध्यम से महिलाओं का यौन शोषण, वित्तीय धोखाधड़ी और अंधविश्वास पर आधारित अपराध लगातार होते रहते हैं। नासिक का अशोक खरात मामला इसका एक हालिया और चौंकाने वाला उदाहरण है। जिसके कारण फुले,साहू और आंबेडकर के आदर्श विचारों के रूप में जाना जाने वाला महाराष्ट्र शर्मसार हो रहा है।
उन्होंने एक न्यूज चैनल से हुई बातचीत में कहा कि, मैंने इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख व्यक्त किया है। कानून को सख्ती से लागू करना, नियमों को शीघ्रता से पूरा करना, पुलिस और प्रशासन को जागरूक और प्रशिक्षित करना तथा अंधविश्वास को जड़ से खत्म करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सख्ती से लागू करना भी जरूरी है।
